
नारसन ग्रीन कार्ड सेंटर का निरीक्षण: चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश
हरिद्वार/नारसन,
चारधाम यात्रा के मद्देनज़र नारसन स्थित ग्रीन कार्ड सेंटर का निरीक्षण करते हुए परिवहन विभाग ने व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। नोडल चारधाम यात्रा एवं संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एआरटीओ प्रशासन रुड़की श्री जितेंद्र चंद को निर्देशित किया गया कि वे यात्रा प्रारंभ होने से अग्रिम आदेशों तक नारसन में स्वयं उपस्थित रहकर ग्रीन कार्ड व्यवस्था का संचालन सुनिश्चित करें। ऑनलाइन वाहन/सारथी व्यवस्था के चलते अधिकतर कार्य नारसन से ही संचालित किए जाएंगे, जिससे आम जनता को कार्यालयों में अनावश्यक परेशानी न हो।
चेकपोस्ट पर हल्के और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग कतार व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए मूवेबल बैरियर और रस्सियों का उपयोग किया जाएगा, ताकि यातायात सुचारू बना रहे।

ग्रीन कार्ड केंद्र पर पेयजल, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। प्रतिदिन तीन बार इन व्यवस्थाओं की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कूलर, पंखे और पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
परिवहन विभाग ने भ्रष्टाचार पर भी सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी वाहन चालकों से अतिरिक्त धनराशि मांगता है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति केंद्र परिसर में यात्रियों से धन उगाही न करे। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
स्थानीय पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान कोई अप्रिय घटना या अव्यवस्था न हो। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल की मांग जिलाधिकारी हरिद्वार से समय रहते की जाएगी।
सभी प्रवर्तन अधिकारी—इंटरसेप्टर, फ्लाइंग स्क्वॉड और बाइक स्क्वॉड—रोटेशन के आधार पर चेकपोस्ट का निरीक्षण करेंगे और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करेंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त लाइटिंग, फ्लेक्स और सूचना पट्ट भी लगाए जाएंगे।
मीडिया और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों को लेकर भी विभाग सतर्क है। निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी गलत सूचना का तत्काल तथ्यों के साथ खंडन किया जाए, ताकि विभाग और प्रदेश की छवि प्रभावित न हो।
निरीक्षण के दौरान “दिव्य वेटिंग हॉल” का भी जायजा लिया गया, जिसे प्रवर्तन कार्मिकों के विशेष प्रयास से 3-4 दिनों में तैयार किया गया है। वर्तमान में यात्री इसका उपयोग करते हुए नजर आए।
इस अवसर पर एआरटीओ प्रशासन श्री जितेंद्र चंद, एआरटीओ प्रवर्तन श्री किशन पलड़िया, टीटीओ के.के. बिजलवन, हरीश सावल सहित प्रवर्तन स्टाफ मौजूद रहा।
अधिकारियों ने कहा कि नारसन उत्तराखंड का प्रवेश द्वार है, इसलिए यहां से यात्रियों को बेहतर सुविधा और सकारात्मक संदेश मिलना चाहिए—इसी लक्ष्य के साथ सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

