सादगी की मिसाल बने नए डीएम आशीष चौहान, दिखावे से दूर कार्यशैली की हो रही चर्चा

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देहरादून। राजधानी देहरादून के नए जिलाधिकारी आशीष चौहान अपनी सादगीपूर्ण कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। जहां पिछले कुछ वर्षों में प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सोशल मीडिया पर रीलबाजी, अत्यधिक प्रचार-प्रसार और बड़े सुरक्षा घेरे की तस्वीरें अक्सर चर्चा का विषय बनती रही हैं, वहीं नए डीएम आशीष चौहान इससे बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें डीएम आशीष चौहान एक बुजुर्ग महिला फरियादी से बेहद आत्मीयता और सहजता के साथ बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में न तो किसी तरह का बड़ा सुरक्षा घेरा नजर आ रहा है और न ही वह व्यवस्थाएं, जो बीते समय में अक्सर जिलाधिकारी कार्यालय के आसपास देखने को मिलती थीं।
सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी कार्यालय में पहले दिखाई देने वाले कोटधारी होमगार्ड, अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी और सफेद वर्दी में तैनात स्टाफ की मौजूदगी अब खत्म।हो गई है न ही प्राइवेट सोशल मीडिया टीम है प्रशासनिक गलियारों में भी नए डीएम की कार्यशैली को लेकर सकारात्मक चर्चा है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अधिकारियों को अनावश्यक दिखावे, रीलबाजी और प्रचारात्मक गतिविधियों से बचने की नसीहत दी थी। ऐसे में आशीष चौहान की कार्यशैली को मुख्यमंत्री की उस मंशा के अनुरूप भी देखा जा रहा है।
कई जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके आशीष चौहान प्रशासनिक सादगी, सरल व्यवहार और कार्यकुशलता के लिए जाने जाते हैं। कलेक्ट्रेट के कर्मचारी भी उनकी कार्यशैली से प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं कुछ अधिकारियों का कहना है कि अब कार्यालयी कामकाज में औपचारिकता और अनुशासन पर अधिक जोर दिया जा रहा है तथा निर्णय प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में प्रयास दिखाई दे रहे हैं।
नए जिलाधिकारी के पदभार संभालने के बाद प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में आए इस बदलाव की चर्चा अब देहरादून के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी होने लगी है।