गुड वर्क दून पुलिस ने ढूंढ निकाले पटेलनगर के लुटेरे,शातिर अपराधी है आरोपी बदमाश।

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देहरादून राजधानी दून पुलिस ने एक बार खुद को साबित कर दिया है। पटेलनगर में सर्राफ को गोली मारकर हुई लूट मामले का खुलासा तो हुआ ही साथ ही शातिर कुख्यात बदमाशों की नेटवर्किंग तोडने के साथ ही पुलिस ने बदमाशों को उनके अपने ही बुने जाल मे फंसा लिया। आरोपी बडे शातिर अपराधी है। अपराधियों की तमाम चाल दून पुलिस की टीम के सामने टिक नही सकी। डीआईजी दून अरूण मोहन जोशी का नेतृत्व एक बार फिर सबसे अव्वल साबित हुआ है। एसपी सिटी श्वेता चौबे को मामले के खुलासे की जिम्मेदारी दी गई थी जिसमें उन्होने खुद को एक बार फिर साबित कर दिखाया है। आईजी गढवाल अभिनव कुमार ने टीम के शानदार काम को देखते हुये ईनाम का ऐलान किया है।

सीसीटीवी से लीड और शुरु हुआ एक्शन

22 सितंबर की रात ब्लेसिंग फार्म दुर्गा डेरी के पास दो मोटर साइकिल सवार व्यक्ति एक अन्य मोटर साइकिल सवार व्यक्ति (सुनार) को गोली मारकर उसका बैग छीनकर भाग गये थे। डीआईजी के निर्दशों पर बनाई गई पुलिस टीम ने एसपी सिटी के साथ घटनास्थल से बैंक रूट के कैमरे चैक करते हुए अभियुक्तों के घटनास्थल तक पहुंचने के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की तो जीएमएस रोड स्थित सुनार की दुकान के पास के सीसीटीवी फुटेज में पटना से पूर्व समय लगभग 2000 बजे दो बाइकों पर सवार संदिग्ध व्यक्ति जो हैलमेट पहने हुए थे, सुनार की दुकान का चक्कर लगाते हुए दिखाई दिये। उक्त सीसीटीवी कैमरे से प्राप्त व्यक्तियों के संदिग्ध मोटरसाइकिलों को आने के रूट की जानकारी प्राप्त करने पर उक्त मोटर साइकिल सेलाकुई से पंडित वाले होते हुए बल्लीवाला चौक तक आती हुई दिखाई दी, परन्तु सेलाकुई से पूर्व की सीसीटीवी फुटेज को अवलोकन करने पर यह सहसपुर रूट पर नहीं दिखाई दीं। जनपद में प्रवेश करने की सम्भावना के दृष्टिगत हथिनीकुण्ड बैराज खारा पावर हाउस स्थित सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चैंक की गयी तो वह उक्ता रास्ते से आते दिखाई दिये, आगे के रूट के सीसीटीवी फुटेज चैक करने पर मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर मुख्य मार्ग जुडने वाले कई रास्ते पुलिस टीम को दिखे जिससे अभियुक्तों के आने के रूट की सही जानकारी करना काफी मुश्किल हो गया था। परन्तु पुलिस टीम द्वारा उक्त रूट के लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को चैक किया गया, जिसमें अंतिम पुलिस को थाना भवन के पास जलालाबाद कस्ये की एक सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुई जिसमें उका संदिग्ध व्यक्ति एक मैकेनिक की दुकान में लगभग 02 से 3 घण्टे तक बिना हैलमेट के खड़े दिखाई दिये। सीसीटीवी फुटेज में अभियुक्तों के हाय नाम व उनकी गतिविधियों से यह प्रतीत हो रहा था कि अभियुक्त उक्त सम्भवतः उसी कस्बे के रहने वाले हो सकते है, क्योंकि उनके द्वारा उसके आगे के रूट में देहरादून आते समय कहीं पर भी हैलमेट उतारा नहीं गया था। जिस पर पुलिस टीम द्वारा जलालाबाद व उसके आसपास के तथा आसपास को अन्य जनपदों में सक्रिय अपराधियों इस तरह के अपराधिक कृत्यों में लिप्त व्यक्तियों तथा वर्तमान में जेल से बाहर चल रहे अपराधियों की वर्तमान स्थिति की जानकारी में उनके फोटो प्राप्त किये गये तथा स्थानीय सम्पर्क सूत्रों के माध्यम से उक्त समयावधि के दौरान सीसीटीवी फुटेज में दिखने वाले व अन्य लोगों की गतिविधियों के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित कर लगभग 350 से 400 व्यक्तियों की सूची तैयार की गयी उक्त सूची का गहनता से अवलोकन कर सूची में नामजद व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी तथा प्राप्त फोटो से मिलान करने पर उनके हुलिये फैजल चौधरी निगासी मुजफ्फरनगर, नईम निवासी सहारनपुर, नदीम निवासी बुलंदशहर तथा राहुल शर्मा उर्फ राहुल पंडित निवासी बुलंदशहर से मेल खाते हुए प्रतीत हुए।

अभियुक्तों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गयी तो शांत हुई कि फैजल तथा राहुल पण्डित उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली में सक्रिय अपराधी है तथा इनके द्वारा पूर्व में लूट य डकैती की कई घटनाओं को अंजाम दिया गया है। उक्त अभियुक्तों के सम्बन्ध में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलास के माध्यम से जानकारी करने पर पटना के दिन उक्त चारों अभियुक्तों के मोबाइलों की लोकेशन उनके निवास स्थानों मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर तथा दिल्ली पर होनी पायी गयी।

अपराधियों कितने शातिर थे समझिये

शातिर अपराधियों की प्लानिंग दून पुलिस की टीमों के सामने ढेर हो गई। घटना के दिन अभियुक्तों के मोबाइलों की लोकेशन उनके निवास स्थान पर होनी पायी गयी थी। दरअसल अपराधियों ने पुलिस को छकाने के लिये ऐसा किया था ताकि शक न हो। पुलिस टीम द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से अभियुक्तों के मोबाइल नम्बरों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए उनका गहनता विश्लेषण किया गया तो कुछ चौकाने वाले तथ्य प्रकाश में आये। घटना के दिन अभियुक्तों के मोबाइल फोन तो ऑन थे पर केवल मैसजो का आदान प्रदान हो रहा था। कोई इनकमिंग या आउट गोइंग काल नहीं थी। अभियुक्तों के मोबाइल नम्बरों की जानकारी में कुछ ऐसे सम्पर्क नम्बर प्राप्त हुए जिन पर उन नम्बरों से लगातार काल किये जाते थे ऐसे नम्बरों की सूची तैयार कर उनके सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने पर घटना के दिन उसी समयावधि में जब अभियुक्त जलालाबाद में मौजूद थे उक्त नम्बरों पर जलालाबाद के कुछ नम्बरों से काल किया जाना प्रकाश में आया जिससे पूर्व में उक्त नम्बरों पर कभी काल नहीं की गयी थी पुलिस द्वारा ऐसे नम्बरों की सूची तैयार की गयी।
उक्त नम्बरों को तस्दीक करने पर नम्बर पात्र व्यक्तियों द्वारा बताया गया कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपने फोन के काम न करने की बात कहकर जरूरी बात करने हेतु उनसे फोन मांगकर उक्त कालों को किया गया है।

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नंबरों की तस्दीक करने के दौरान इनमें से एक मोबाइल नम्बर उसी मैकेनिक का होना प्रकाश में आया जिसकी दुकान पर सद्य अभियुक्तों को सीसीटीवी फुटेज प्राप्तहुई थी। जिस पर पुलिस टीम को पूर्ण अंदेशा हो गया कि उक्त अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी है जो घटना के समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते है तथा अपने मोबाइल फोनों को घटना के समय अपने घरों पर ही छोडकर आते हैं, जिससे उनकी लोकेशन को कोई ट्रेस न कर सके तथा पटना से पूर्व या घटना के समय अपने
परिजनों व अन्य परिचितों से सम्पर्क करने के लिये राह चलते किसी भी व्यक्ति का मोबाइल इस्तेमाल करते हैं तीन अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु सम्भावित स्थानों को रवाना की गयी। उo धर्मेन्द्र रौतेला तथा उनि0दिलबर सिंह नेगी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा बुलन्दशहर पहुंचकर अभियुक्त नदीम के बारे में में गोपनीय रूप से जानकारी प्राप्त कर रही थी।की तथा स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया जिस पर मुखबिर द्वारा पुलिस टीम को अवगत कराया गया कि अभियुक्त नदीम वर्तमान में अपने घर पर ही है तथा लूट में अपने हिस्से आयी ज्वैलरी के लिये अपनी ससुराल जा रहा है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा बैकअप टीम को बुलाते हुए दिनाक 01-10-2020 को रात्रि समय लगभग 0600 बजे अभियुक्त नदीम को मुलावटी फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया गया

नरेश राठौड के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा अभियुक्त राहुल शर्मा उर्फ राहुल पण्डित को मुखबिर की सूचना पर शहादरा क्षेत्र दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। दोनो अभियुक्तों के कब्जे से घटना में लूटी गयी ज्यैलरी, नदी अन्य सामान बरामद किया गया अभियुक्त नदीम की निशानदेही पर पुलिस टीम द्वारा पलवल रोड श्मशान घाट के पास से घटना प्रयुक्त आर-15 मोटर साइकिल बरामद की गयी।

गिरफ्तार अपराधी राहुल शर्मा उर्फ राहुल पण्डित पुत्र कैलाश चन्द्र शर्मा नियासी : वैद्य जी याली गली. सट्टा बाजार बुलन्दशहर उम्र 32 वर्ष

02 : नदीम पुत्र मतीन निवासी मो० शेखपारा थाना व खर्चा सिकन्दराबाद बुलन्दशहर उम्र 28 वर्ष

वांटेड

नईम पुत्र शराफत निवासीः बाजोरिया रोड, घोरेकी सहारनपुर उम्र 24 वर्ष

फैजल चौधरी पुत्र मौ0 अनीस निवासी 829/5 खालापार, योगेन्दपुरी (रामपुरम)
थाना कोतवाली नगर, मुजफ्फरनगर उम्र 24 वर्ष पूछताछ का विवरण

ऐसे मिले बदमाश रचि प्लानिंग

पूछताछ में अभियुक्त राहुल शर्मा उर्फ राहुल पंडित द्वारा बताया गया कि नदीम और मैं दोनो बुलन्दशहर के रहने वाले तथा दो साल पूर्व हमारी मुलाकात बुलन्दशहर जेल में हुई थी। नदीम हत्या के केस में जेल में बन्द था तथा मैं लूट के मामले में जेल गया था, जेल से पैरोल पर बाहर आने के बाद हम दोनों का अक्सर मिलना जुलना लगा रहता था। इसी दौरान मेरे द्वारा दिल्ली में मयूर विहार क्षेत्र में अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की एक घटना को अंजाम दिया गया जिसमें दिल्ली पुलिस द्वारा मुझे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहां से लगभग 03 माह पूर्व कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत मैं पैरोल पर बाहर आया था। बाहर आने के बाद मैं नदीम से मिला तथा

मैने उससे लूट की एक बड़ी घटना को करने की बात कही तथा अपनी इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिये अपने एक अन्य साधी फैजल चौधरी से सम्पर्क किया। फैजल मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला था तथा उससे मेरी मुलाकात मण्डोली जेल गाजियाबाद में हुई थी। लूट की योजना बनाने के लिये फैजल, नदीम तथा मैं दिल्ली में मेरे फ्लैट पर मिले, जो मेरे द्वारा किराये पर लिया गया था। इस दौरान फैजल द्वारा अपने एक साथी नईम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नईम वर्तमान में देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में रह रहा है तथा उसने लूट की घटना को अंजाम देने के लिये देहरादून के एक सुनार को चिन्हित किया जो प्रतिदिन अपनी दुकान से सारा सोना व कैश बैग में भरकर अपने घर ले जाता है। उक्त सुनार के सम्बन्ध में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिये हमने नईम को दिल्ली बुला लिया, जहां नईम द्वारा हमें बताया गया कि देहरादून में जीएमएस रोड स्थित सुनार की एक दुकान की उसके द्वारा लम्बे समय से रेकी की जा रही है तथा उक्त दुकान का स्वामी प्रतिदिन अपनी दुकान के सारे सोने/चांदी के जेवरात व कैश एक बैग में नरकर मोटरसाइकिल से अपने घर जाता है तान्या पर के उक्त मार्ग पर एक सुनसान जगह है जहां हम आसानी से उसे लूट सकते है। योजना के मुताबिक हमें घटना को अजाम देने के लिये दो मोटरसाइकिलों की आवश्यकता थी, क्योंकि नईन द्वारा हमे बताया गया था कि देहरादून में बार्डर व अन्य स्थानों पर पुलिस की चैकिंग काफी सख्त है तथा घटना के लिये अपनी मोटर साइकिलों का इस्तेनाल करने पर हम आसानी से पहचान में आ सकते हैं। हमारे द्वारा घटना को अंजाम देने के लिये 15-16 सितम्बर को दिल्ली के आजाद नगर मण्डी क्षेत्र से 02 मोटर साइकिलों को चोरी किया गया। योजना शे मुताबिक घटना को अंजाम देने के लिए हमारे द्वारा 21 सितम्बर की तारीख तय की गयी थी। पटना को अंजाम देते समय हमारे द्वारा मोबाइल फोनों का इस्तेमाल नही किया जाता था, क्योंकि मोबाइल फोन की लोकेशन से पकड़े जाने का खतरा अधिक रहता है, इसलिये हमने योजना के मुताबिक 21 तारीख को बेहट में तय समय पर मिलने की योजना बनाई थोरी की गयी मोटर साइकिल को फैजल और नईम अपने साथ मुजफ्फरनगर ले आये थे तथा मैं और नदीम दिल्ली में मेरे फ्लैट पर ही रूक गये थे। 21 सितम्बर की सुबह मैं और नदीम दिल्ली आनन्द विहार से टैक्सी बुक कर बेहट पहुंचे जहां पर मेरे द्वारा राह चलते एक व्यक्ति से फोन मांगकर फैजल को फोन किया गया. फैजल द्वारा हमें एक निश्चित स्थान पर खड़े होने को कहा गया तथा कुछ देर बाद फैजल और नईम एक बाइक से उक्त स्थान पर पहुंचे हमारे द्वारा जब उनसे दूसरी बाइक के सम्बन्ध में जानकारी की गयी तो उनके द्वारा उक्त बाइक के खराब होने तथा उसे ठीक करने हेतु जलालाबाद में एक मैकेनिक को दिये जाने की बात कही गयी। चूंकि एक बाइक से लूट की घटना को अंजाम नहीं दिया जा सकता था इसलिये हमने 21 सितम्बर को लूट की योजना को टाल दिया तथा बेहट से नईम और फैजल के साथ थाना भवन पहुंचे, रास्ते में फैजल ने हमें जलालाबाद स्थित उस मैकेनिक की दुकान दिखाई जहा उन्होंने दूसरी बाइक को रिपेयर करने के लिये दिया हुआ था। उस दिन नईम ने हमें थाना भवन के एक गाय में अपने रिश्तेदार के घर पर रूकवाया तथा अगले दिन सवेरे 8 बजे उक्त मैकेनिक की दुकान पर मिलने को कहा, अगले दिन मैं और नदीम तय समय पर उक्त मैकेनिक की दुकान पर पहुंचे, कुछ समय इन्तेजार करने के बाद जब फैजल और नईम यहां नहीं पहुचे तो हमारे द्वारा उक्त
मैकेनिक का फोन मांग कर उसके फोन से फैजल को काल किया गया, जिसके द्वारा
हमें वही पर रुकने को कहा गया। इसी बीच मैने और नदीम ने उक्त फोन से अपने घरवालों से भी बात की। फैजल और नईम के मैकेनिक की दुकान पर पहुंचने के बाद हमने पुन: लूट की योजना के सम्बन्ध में बात की तथा बाइक ठीक होने समय लगभग 11 बजे दोपहर को हम वहां से देहरादून के लिये निकल गये। सेलाकुई के आसपास एक कमरा किराये पर लिया था, जहां हम सांय लगभर बजे पहुंचे, उजाला होने के कारण हम कुछ समय के लिये नईम के कमरे पर तथा अँधेरा होने पर शाम को समय लगभग 15 बजे यहा से देहरादून निकले देहरादून पहुंचकर नईम ने हमें उक्त सुनार की दुकान दिखाई जो उस समय खुली थी। फिर हमने बाइक से दो से तीन चक्कर लगाकर दुकान व उसके आसपास के क्षेत्र की रेकी की. मैं और नईम अपाचे बाइक पर थे जिसे नईम चला रहा था तथा फैजल और नदीम आर-15 बाइक पर थे। कुछ देर बाद जब सुनार अपनी दुकान बन्द कर जेवरात य पैसो से भरा बैग लेकर अपने घर जाने के लिये निकला तो हम उसके -पीछे चल दिये रास्ते में सुनार ने एक स्थान से सब्जी ली से निकलन जैसे ही वह अंधेरे रास्ते की ओर पहुंचा तो मैने उसे गोली मारकर उसका बैग छीन लिया, और उसके बाद हम थारों यहां से भाग गये। भागने के दौरान रास्ते में नदीम और फैजल हमसे अलग हो गये। पण्डितवाडी से सेलाकुई की ओर जाते समय रास्ते में पुलिस टीम द्वारा वाहनों की सघन चैकिंग की जा रही थी, हमने दूसरे रास्ते से जाने की सोंधी पर जगह-जगह पुलिस चैकिंग हो रही थी तथा इम उससे पार नहीं हो पा रहे थे। अपने आपको चारों तरफ से घिरता देख हम नन्दा की चौकी से ऊपर दूंगा वाले रास्ते पर जंगल की ओर चले गये तथा उक्त स्थान पर जंगल में मोटर साइकिल को छोड़कर जंगल के रास्ते पैदल-पैदल सेलाकुई नईम के कमरे पर पहुंचे, जहां अगली सुबह फैजल और नदीन भी पहुंच गये। जिनके द्वारा हमें बताया गया कि रात्रि में जगह-जगह पुलिस की चैकिंग को देखते हुए उनके द्वारा भी अपनी बाइक को सडक किनारे जंगल में एक स्थान पर छूट दिया गया तथा रात भर यही जंगल में छुपने के बाद आज प्रात: किसी तरह वह विक्रम पकड़कर सेलाकुई तक पहुंचे। इसके बाद हम चारों ने लूटी गयी ज्वैलरी व नगदी के हिस्से किये तथा नदीम और मैं सेलाकुई से विक्रम पकड़कर कुल्हाल तक पहुंचे। कुल्हाल में पुलिस चैक पोस्ट से काफी पहले हम विक्रम से उतर गये तथा यहां से पैदल जा रही मजदूरों की एक टोली के साथ शामिल होकर किसी तरह की पोस्ट से पार होकर यहां से अन्य संसाधनों के जरिये पीटा पहुंचकर यहां से बस से बुलन्दशहर आ गये। बुलन्दशहर आने यो पत्यात नदीम अपने घर चला गया तथा में भी यहां से दिल्ली रवाना हो गया। इस बीच नदीम और मेरी एक या दो बार बातें भी हुई । मुझे जरा भी अंदेशा नहीं था कि उत्तराखण्ड पुलिस इतनी जल्दी हम तक पहुंच जायेगी। इसलिये मैं बेफिक्र होकर दिल्ली में ही रूक गया।

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आपराधिक इतिहास

01 : अभियुक्त राहुल शर्मा उर्फ राहुल पण्डित
: 133/12 धारा
: 356 भादवि थाना कोतवाली शहर बुलन्दशहर
मु0अ0सं0 मु0अ0सं0 : 142/12 धारा : 356 भादवि थाना कोतवाली शहर
बुलन्दशहर
03 : मु0अ0सं0 : 153/12 धारा : 356 भादवि थाना कोतवाली शहर बुलन्दशहर 04: मु0अ0सं0 : 224/12 धारा : 356 भादवि थाना कोतवाली शहर बुलन्दशहर
05 मु0अ0सं0 : 293/14 धारा : 2/3 गैंगस्टर एक्ट थाना कोतवाली शहर बुलन्दशहर 06 : मु0अ0सं0 : 803/09 धारा 272/ 273/ 420 भादवि थाना खुर्जा नगर बुलन्दशहर 07 : मु0अ0सं0 : 894/11 धारा 395 भादवि थाना खुर्जा नगर बुलन्दशहर 08 : मु0अ0सं0 : 1033/11 धारा 398/401 भादवि थाना खुर्जा नगर बुलन्दशहर
09 मु0अ0सं0 : 1056/11 धारा 25 आर्म्स एक्ट थाना खुर्जा नगर बुलन्दशहर
10 : मु0अ0सं0 238/19 धारा : 395/397/412/120 एक्ट थाना मयूर विहार नई दिल्ली
बी/34
भादवि व 27 आर्स
अभियुक्त राहुल शर्मा उर्फ राहुल पण्डित व इसके एक अन्य साथी इकबाल उर्फ अतीक द्वारा वर्ष 2017 में हापुड की एक ज्वैलरी शॉप में लूट की घटना को अंजाम डाला गया था तथा अभियुक्त राहुल शर्मा द्वारा उक्त घटना में पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर किया गया था, जिसके सम्बन्ध में इसके विरूद्ध हापुड में अभियोग पंजीकृत किया गया था। इसके अतिरिक्त राहुल शर्मा के विरूद्ध गाजियाबाद वदिया गया था, जिसमें पब्लिक द्वारा इसके साथी इकबाल को मौके पर पीट पीटकर मारअन्य स्थानों पर लूट, डकैती व हत्या के अन्य अभियोग पंजीकृत हैं, जिनके सम्बन्ध मेजानकारी की जा रही है। : अभियुक्त नदीम

01 : मु0अ0सं0 : 888/16 धारा 302 भादवि थाना सिकंदराबाद बुलन्दशहर
03 : अभियुक्त फैजल चौधरी 01 : मु0अ0सं0 : 1554/09 धारा : 506 भादवि थाना कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर
02: मु0अ0सं0 1375/13 धारा : 396/412/480/120 बी भादवि
03 :
नगर मुजफ्फरनगर
मु0अ0सं0 : 1731/13 मुजफ्फरनगर
थाना कोतवाली
धारा : 2/3 गैंगस्टर एक्ट थाना कोतवाली नगर
04: मु0अ0सं0 : 686/14 धारा : 110 जी दंप्रसं थाना कोतवाली

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दून पुलिस की टीमें

पुलिस टीम : (बुलन्दशहर)
: उ0नि धर्मेन्द्र सिंह रौतेला 02 : उ०नि० दिलबर सिंह नेगी
01
03 : 40उ0नि0 भुवन चन्द पुजारी
04: उ0नि0 आशीष रावत
05: कां0 दीप प्रकाश , 06 : कां0 नरेन्द्र, 07 : कां0 चमन 08: कां0
नगर मुजफ्फरनगर
ललित
पुलिस टीम : (दिल्ली)
01: उ0नि0 नरेश राठौड
02 : उ०नि० दीपक धारीवाल
03 : कां0 श्रीकांत ध्यानी, 04 : का0 राजीव कुमार, 05 : का0 अमित
विशेष कार्य

एसआई आशीष रावत की कर्तव्य निष्ठा


उक्त टीम में मौजूद उ0नि0 आशीष रावत की धर्मपत्नी की कुछ समय पूर्व सिजेरियन डिलीवरी हुई है, जिस कारण अपने परिवार को समय देने के लिये उनके द्वारा पुलिस उपमहानिरीक्षक/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून महोदय से आग्रह कर स्वंय को चौकी प्रभारी के पद से अवमुक्त कराते हुए कार्यालय सम्बद्ध कराया गया था, परन्तु उक्त घटना के घटित होने के बाद से ही उनके द्वारा पूर्ण समपर्ण भाव से निरन्तर अपने जनून को बरकरार रखते हुए घटना के अनावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गयी। साथ ही टीम के अन्य सदस्यों द्वारा भी इसी कर्तव्यनिष्ठा व समर्पण भाव का प्रदर्शन किया गया।

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