
देहरादून/काशीपुर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और ऊधमसिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने काशीपुर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 65 कारतूस और तीन फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से जारी दर्शाए गए शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर स्थित गन हाउस से हथियार खरीदे गए थे। सत्यापन के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय शाहजहांपुर ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्तियों के नाम से कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया था और प्रस्तुत लाइसेंस नंबर अन्य लोगों के नाम पर दर्ज पाए गए। इसके बाद काशीपुर कोतवाली में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की विवेचना के दौरान देर रात एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई कर नौशाद हुसैन, जतिन कांडपाल और अजीम को गिरफ्तार किया। तीनों के पास से अवैध पिस्टल, कारतूस और कूटरचित लाइसेंस बरामद हुए हैं।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन अभियान जारी है। जांच में अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा ऐसे मामलों में उत्तराखंड पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई कर रही है।
एसटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी के पास संदिग्ध या फर्जी शस्त्र लाइसेंस संबंधी सूचना हो तो वह तत्काल एसटीएफ को उपलब्ध कराए। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

