इंस्पेक्टर साहब की रेड पर उठे सवाल, यूपी में कार्रवाई की चर्चा से महकमे में हलचल
मातहत दरोगा से कथित नाराजगी के बीच चौकी क्षेत्र में रेड का दावा, उत्तर प्रदेश में ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े जाने के बाद मामले ने लिया नया मोड़
देहरादून। गढ़वाल मंडल के एक बड़े जिले में तैनात इंस्पेक्टर साहब की कथित रेड इन दिनों पुलिस महकमे में चर्चाओं का विषय बनी हुई है। मामला मातहत दरोगा से कथित नाराजगी और अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दावे से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, चर्चाओं के मुताबिक इस कार्रवाई की लोकेशन उत्तराखंड के बजाय उत्तर प्रदेश निकलने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
पुलिस महकमे में चल रही चर्चाओं के अनुसार, इंस्पेक्टर साहब अपने मातहत दरोगा जी से कथित तौर पर इसलिए नाराज रहते थे, क्योंकि दरोगा जी न तो बेवजह सलाम बजाते थे और न ही साहब की जी-हुजूरी में लगे रहते थे। इसी नाराजगी के बीच दरोगा जी को किसी काम के सिलसिले में रवाना किए जाने और उनके चौकी क्षेत्र में रेड करवाकर अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का दावा किए जाने की चर्चा है।
लेकिन यह दावा ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। चर्चाओं के मुताबिक, जिस स्थान पर कथित कार्रवाई की गई, वह उत्तराखंड नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश का क्षेत्र निकला इसके बाद पीड़ित पक्ष ने जब उत्तर प्रदेश पुलिस से भी संपर्क किया और उत्तर प्रदेश पुलिस के एक्टिव होते ही अब कथित अवैध खनन रेड की कार्रवाई बैकफुट पर है
। इसके बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे और मामला पुलिस महकमे के भीतर चर्चा का विषय बन गया।
अब चर्चा यह भी है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस के एक्टिव होते ही अवैध खनन के मामले में पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को जल्द छुड़वाने की कोशिशें की जा रही हैं। यहां तक कि संबंधित किसान से मिन्नतें किए जाने की बातें भी पुलिस महकमे में तैर रही हैं। हालांकि, इन चर्चाओं और दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इंस्पेक्टर साहब की पोस्टिंग और अपने कामकाज को लेकर उनके कथित आत्मविश्वास के बीच यह प्रकरण विभागीय गलियारों में नई बहस छेड़ रहा है। फिलहाल सवाल यही है कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई का दावा करने से पहले क्या कार्रवाई की वास्तविक लोकेशन की पड़ताल की गई थी, और यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली उत्तर प्रदेश में पकड़ी गई है, तो पूरे मामले की वास्तविकता क्या है?

