प्रमुख सचिव आर के सुधांशु ने रानीखेत में विकास कार्यों की समीक्षा, 2047 के लक्ष्य पर फोकस

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अल्मोड़ा से बड़ी खबर | रानीखेत में विकास कार्यों की समीक्षा, 2047 के लक्ष्य पर फोकस


अल्मोड़ा, 02 मई 2026। उत्तराखंड शासन के प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु अपने प्रथम नियुक्ति स्थल रानीखेत पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में वर्ष 2000 से 2026 तक हुए विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से की गई।
प्रमुख सचिव ने लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में सड़कें सिर्फ संपर्क का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा हैं, इसलिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। जिलाधिकारी अंशुल सिंह को सभी विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।
वन विभाग से जुड़े मामलों में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों के लिए अनुमतियों में अनावश्यक देरी न हो। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष और फॉरेस्ट कवर पर भी चर्चा की गई।
शिक्षा विभाग को गुणवत्ता सुधार के निर्देश दिए गए, वहीं स्वास्थ्य विभाग को जनसंतोष के लिए प्रभावी फीडबैक सिस्टम विकसित करने और अस्पतालों में मजबूत शिकायत निवारण व्यवस्था लागू करने को कहा गया।
पर्यटन को लेकर प्रमुख सचिव ने “हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम” मॉडल अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वन और पर्यटन विभाग मिलकर इको-टूरिज्म को बढ़ावा दें और रानीखेत में वेलनेस व नेचुरोपैथी आधारित पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करें।
बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर भी बल दिया गया। साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के बाद प्रमुख सचिव ने रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी लिए।
इस दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह, एसएसपी चन्द्रशेखर आर घोड़के, जॉइंट मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीडीओ रामजीशरण शर्मा, डीएफओ दीपक सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।