देहरादून : विकासनगर रजिस्ट्री प्रकरण समाचार में बड़ा भ्रम, रजिस्टार के बजाय अपर नगर मजिस्ट्रेट पर कार्रवाई का दावा
राजधानी देहरादून में विकासनगर तहसील में कथित रजिस्ट्री घोटाले और स्टाम्प चोरी के मामले को लेकर एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। एक प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर ने प्रशासनिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। अखबार ने बाईलाइन खबर में दावा किया कि मामले की जांच में गई अधिकारी को ही निलंबित कर शासन को मामला भेज दिया गया है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल है।
दरअसल विकासनगर तहसील में रजिस्ट्रियों में कथित गड़बड़ी और स्टाम्प चोरी के आरोपों की जांच चल रही है। इस पूरे मामले में कार्रवाई सब रजिस्ट्रार स्तर पर मानी जा रही थी, लेकिन प्रकाशित खबर में देहरादून में तैनात अपर नगर मजिस्ट्रेट अपूर्वा सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का दावा डीएम के हवाले से कर दिया गया। जबकि जानकारों का कहना है कि रजिस्ट्रियों का कार्य सब रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र में आता है,
खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह केवल नाम और पद की समानता से हुई बड़ी चूक थी या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित रणनीति थी। क्योंकि जिस अधिकारी का नाम प्रकाशित किया गया, वह जांच प्रक्रिया से जुड़ी बताई जा रही हैं।
इसी के साथ एक और सवाल चर्चा में है कि यह तथाकथित “रूटीन कार्रवाई” केवल एक ही अखबार में बाईलाइन के साथ कैसे प्रकाशित हुई। क्या अन्य मीडिया संस्थानों को इसकी जानकारी नहीं दी गई या फिर जानकारी चुनिंदा तरीके से साझा की गई। इसको लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
सूत्रों की मानें तो खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित अधिकारी और प्रशासनिक महकमे में भी असहजता का माहौल बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।क्या जिले के जिम्मेदार अधिकारी महिला अधिकारी के हितों की रक्षा को आगे आते है या नहीं

