हेमभट से हो रही पूछताछ तो डिजिटल टीवी का भी है आपराधिक इतिहास

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देहरादून में भू-माफिया नेटवर्क और कथित पत्रकार हेम भट्ट से पूछताछ को लेकर सोशल मीडिया में सियासी बहस तेज हो गई है। दून पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद विपक्ष को सरकार और पुलिस पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है, लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, बड़े भू-माफिया प्रदीप सकलानी और अजय सजवान की गिरफ्तारी के बाद कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। इन्हीं बयानों के आधार पर कथित पत्रकार हेम भट्ट से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह पूछताछ नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए जरूरी है।
सुबह करीब 4 बजे हेम भट्ट को पूछताछ के लिए लाए जाने को लेकर भी सोशल मीडिया में चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि पुलिस सूत्रों का दावा है कि हेम भट्ट के हल्द्वानी रवाना होने की सूचना थी, ऐसे में जांच प्रभावित न हो इसलिए तत्काल बयान लेना जरूरी समझा गया। क्योंकि इस पूरे मामले में बड़े भू-माफियाओं की गिरफ्तारी के बाद कई नए नाम सामने आए हैं और पुलिस तेजी से नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी है।
इस बीच सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। समर्थकों का कहना है कि जो लोग पहले उत्तराखंड पुलिस को “मित्र पुलिस” कहकर तंज कसते थे, वही अब सख्त कार्रवाई से परेशान हैं। उनका कहना है कि उत्तराखंड पुलिस हमेशा जनता की मित्र रही है, लेकिन अपराधियों और भू-माफियाओं के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होना स्वाभाविक है।
वहीं जिस जयभारत टीवी का नाम चर्चा में आ रहा है, उससे जुड़े पुराने साइबर फ्रॉड मामले की एफआईआर भी फिर सुर्खियों में आ गई है। पुलिस विवेचना में सामने आया था कि देहरादून में संचालित एक अवैध कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका और कनाडा के वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाकर ऑनलाइन साइबर ठगी की जा रही थी। जांच में आरोप सामने आए थे कि आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट और विदेशी बैंकों का प्रतिनिधि बताकर लोगों से बिटकॉइन, गिफ्ट कार्ड और अन्य माध्यमों से रकम ठगते थे।
विवेचना में यह भी सामने आया था कि कॉल सेंटर में रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर, फर्जी टेक सपोर्ट सिस्टम और डॉयलर एप्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। मामले में नितिन गुप्ता, उदित गर्ग और गर्वित सिंघल समेत कई लोगों के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं में अपराध प्रमाणित होने की बात जांच में कही गई थी।
अब भू-माफिया नेटवर्क और उससे जुड़े कथित संपर्कों की जांच के दौरान पुराने मामलों और संबंधों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।