मितव्ययता की अपील के बीच तीन गाड़ियों का मजा ले रहे IAS अफसर, ड्राइवर भी परेशान

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मितव्ययता की अपील के बीच तीन गाड़ियों का मजा ले रहे IAS अफसर, ड्राइवर भी परेशान
देहरादून। पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात और संभावित तेल संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने और सरकारी खर्चों में कटौती की अपील की जा चुकी है। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस दिशा में पहल करते हुए अपनी सरकारी फ्लीट आधी से कम कर चुके हैं। कई विभागों में “नो व्हीकल डे” मनाया जा रहा है और अधिकारी साइकिल से दफ्तर पहुंचकर संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।
लेकिन इसी बीच राज्य के एक अहम निकाय में तैनात एक आईएएस अधिकारी की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक संबंधित अधिकारी दो सरकारी वाहनों के साथ विभाग से अटैच कराई गई एक प्राइवेट इनोवा कार का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि सरकारी वाहनों का उपयोग निजी यात्राओं के लिए भी किया जा रहा है और वाहन कभी केदारनाथ तो कभी हल्द्वानी तक दौड़ रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि लगातार लंबी ड्यूटी और बार-बार निजी उपयोग में गाड़ियां लगाए जाने से ड्राइवर भी परेशान हैं और कई ड्राइवर ड्यूटी करने से कतराने लगे हैं। विभाग के भीतर इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
बताया जा रहा है कि इसी निकाय में तैनात उक्त आईएएस अधिकारी के खिलाफ कुछ समय पहले पार्षदों ने गंभीर आरोप लगाते हुए मेयर से शिकायत भी की थी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
अब सवाल उठ रहे हैं कि जब सरकार खुद मितव्ययता और ईंधन बचत का संदेश दे रही है, तब कुछ अफसरों पर यह नियम लागू क्यों नहीं हो पा रहे हैं।