देवभूमि में विकास की रफ्तार को मिली नई उड़ान, पीएम मोदी ने किया दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण

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देवभूमि में विकास की रफ्तार को मिली नई उड़ान, पीएम मोदी ने किया दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण
देहरादून। Narendra Modi के उत्तराखंड दौरे ने राज्य को विकास की बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को 210 किमी लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण कर प्रदेश को तेज रफ्तार कनेक्टिविटी का नया युग दिया। इस परियोजना के साथ अब दिल्ली से देहरादून का सफर महज ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा।


कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने Dat Kali Temple में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने लगभग 12 किलोमीटर लंबा भव्य रोड शो किया, जिसमें हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी और पूरे शहर में उत्साह का माहौल देखने को मिला।


भव्य रोड शो और जनसैलाब
प्रधानमंत्री का यह रोड शो कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। लोगों के अभिवादन के चलते प्रधानमंत्री का काफिला धीरे-धीरे आगे बढ़ा, जिसके कारण उन्हें सभा स्थल तक पहुंचने में देरी भी हुई। इस पर उन्होंने जनसभा में क्षमा भी व्यक्त की।
विकास का ग्रीन कॉरिडोर
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को केवल सड़क परियोजना नहीं, बल्कि “ग्रीन कॉरिडोर” के रूप में देखा जा रहा है। यह परियोजना उत्तराखंड के पर्यटन, कृषि और उद्योग के लिए गेमचेंजर साबित होगी।
चारधाम यात्रा और पर्यटन स्थलों तक पहुंच होगी आसान
किसानों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद
लॉजिस्टिक्स लागत में कमी से आय में बढ़ोतरी
नए उद्योगों और रोजगार के अवसरों में इजाफा
प्रधानमंत्री का संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि विकसित भारत के लिए प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी बेहद जरूरी है। उन्होंने उत्तराखंड को “ऊर्जा देने वाली देवभूमि” बताते हुए कहा कि यहां का स्नेह उन्हें देश के विकास के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ही देश की “भाग्य रेखा” बन रहा है और सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनका हर दौरा राज्य के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। उन्होंने इस परियोजना को उत्तराखंड की प्रगति में मील का पत्थर बताया।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस कॉरिडोर से उत्तराखंड के पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। मसूरी, हरिद्वार, ऋषिकेश, चारधाम और अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है। साथ ही, स्थानीय उत्पाद जैसे सेब, राजमा, लाल चावल और बुरांश जूस अब तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे।
निष्कर्ष:
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखंड के लिए केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और पर्यटन का नया द्वार है। यह परियोजना राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।