
पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि: सीएम धामी के निर्देशों पर टिहरी में बड़ा अभियान, बोटिंग संचालन पर कड़ा शिकंजा
बंजी जंपिंग के बाद अब टिहरी झील बोटिंग प्वाइंट पर डीएम का औचक निरीक्षण
सुरक्षा में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, सूर्यास्त के बाद बोटिंग पर पूर्ण रोक
टाडा के अभिलेखों की जांच के लिए समिति गठित, सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि उत्तराखंड आने वाले प्रत्येक पर्यटक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जनपद में पर्यटन गतिविधियों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है। मूल्यागांव स्थित बंजी जंपिंग स्थल को सील किए जाने के बाद शुक्रवार को जिलाधिकारी ने कोटी कॉलोनी स्थित टिहरी झील के बोटिंग प्वाइंट का औचक निरीक्षण किया, जहां सुरक्षा व्यवस्थाओं और संचालन में कई गंभीर कमियां सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान तेल भंडारण स्थल पर अग्नि सुरक्षा उपकरणों का अभाव, सुरक्षा संकेतकों की कमी तथा टिकट काउंटर पर सीसीटीवी व्यवस्था न होना पाया गया। जिलाधिकारी ने तत्काल सुरक्षा संकेतक लगाने, अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराने, सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा पर्यटकों की सुविधा के अनुरूप टिकट काउंटर विकसित करने के निर्देश दिए।
पर्यटन गतिविधियों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बोटिंग का भुगतान केवल टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण (टाडा) अथवा पंजीकृत बोट यूनियन के अधिकृत खाते में ही लिया जाएगा। व्यवस्था पूर्ण होने तक सभी भुगतान केवल टाडा के सरकारी क्यूआर कोड के माध्यम से किए जाएंगे। व्यक्तिगत खातों में भुगतान लेने की व्यवस्था तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पर्यटकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए जिलाधिकारी ने सूर्यास्त के बाद जेट स्की और बोटिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की संख्या चाहे जितनी हो, निर्धारित समय के बाद किसी भी परिस्थिति में बोटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने टाडा कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहां बोटिंग से संबंधित अभिलेख, सेवा प्रमाणपत्र एवं लेखा मिलान अद्यतन नहीं पाए गए। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए उपजिलाधिकारी टिहरी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जो सभी अभिलेखों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व ही जिला प्रशासन ने कीर्तिनगर क्षेत्र के मूल्यागांव स्थित मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल को सुरक्षा मानकों में गंभीर कमी एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध पार्किंग के कारण सील किया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों के संचालन में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि “मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों एवं संचालकों को निर्धारित नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना होगा।”

