हाईकोर्ट ने सीओ निहारिका सेमवाल से मांगा ST प्रमाणपत्र, पति नीरज सेमवाल को आय से अधिक संपत्ति मामले में नोटिस
देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड पुलिस में तैनात पति-पत्नी सीओ नीरज सेमवाल और निहारिका सेमवाल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दोनों से जुड़े अलग-अलग मामलों में अदालत की कार्रवाई सामने आई है। नैनीताल हाईकोर्ट ने सीओ निहारिका सेमवाल से उनके अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाणपत्र को दो सप्ताह के भीतर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, उनके पति सीओ नीरज सेमवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में विजिलेंस कोर्ट ने नोटिस जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत महिला पुलिसकर्मी सरोजबाला रावत ने नैनीताल हाईकोर्ट में क्वो वारंटो याचिका दाखिल कर सीओ निहारिका सेमवाल की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निहारिका सेमवाल अनुसूचित जनजाति वर्ग से नहीं आती हैं और उन्होंने जौनसार क्षेत्र से ST प्रमाणपत्र हासिल किया। याचिका में इसी प्रमाणपत्र के आधार पर पुलिस सेवा में नियुक्ति हासिल किए जाने का भी दावा किया गया है।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की पीठ में चल रही है। हाईकोर्ट ने निहारिका सेमवाल से संबंधित ST प्रमाणपत्र तलब करते हुए उसे दो सप्ताह के भीतर पेश करने को कहा है। हालांकि, प्रमाणपत्र की वैधता और याचिका में लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
बताया गया है कि निहारिका सेमवाल की ओर से सरोजबाला रावत के खिलाफ देहरादून में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी मामले को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है

