पहले आवास पर खड़ी रहती थी जिम्नी, अब चकराता के आपदा क्षेत्रों में दौड़ रही

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पहले आवास पर खड़ी रहती थी जिम्नी, अब चकराता के आपदा क्षेत्रों में दौड़ रही

देहरादून। आपदा प्रबंधन के लिए खरीदी गई जिस जिम्नी का पूर्व में अपेक्षित इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था और जो लंबे समय तक पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल के आवास पर खड़ी रहती थी, अब वही वाहन चकराता के दुर्गम और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों का अहम जरिया बन रहा है।

पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल के कार्यकाल में आपदा प्रबंधन के लिए जिम्नी वाहन खरीदा गया था। आरोप है कि वाहन का उपयोग आपदा प्रबंधन के बजाय लंबे समय तक निजी इस्तेमाल में किया जाता रहा। कई-कई दिनों तक जिम्नी जिलाधिकारी आवास पर खड़ी रहती थी, जबकि जिले के पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में आपदा की स्थिति में ऐसे वाहनों की जरूरत बनी रहती थी।

अब बदली तस्वीर

जिम्नी को अब चकराता क्षेत्र में आपदा प्रबंधन टीम के उपयोग में लगाया गया है। चकराता और आसपास के दुर्गम इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क बाधित होने और अन्य आपदाओं की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे क्षेत्रों में बड़े वाहनों के पहुंचने में परेशानी होती है। जिम्नी की मदद से आपदा टीम प्रभावित स्थानों तक तेजी से पहुंच रही है।

जिस वाहन का पहले सही उपयोग नहीं हो रहा था, वही अब मौके पर काम आ रहा

आपदा की सूचना मिलते ही टीम जिम्नी से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट रही है। दुर्गम रास्तों और संकरे संपर्क मार्गों पर यह वाहन टीम के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।

ऐसे में सवाल भी उठता है कि जिस वाहन को आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए खरीदा गया था, उसका इस्तेमाल पहले ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों में क्यों नहीं किया गया? अब वाहन को वास्तविक जरूरत वाले क्षेत्र में लगाने से इसका उद्देश्य भी पूरा होता नजर आ रहा है।

चकराता में लगातार आपदा की चुनौती के बीच जिम्नी का इस्तेमाल राहत-बचाव टीम की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।