देहरादून कोर्ट का बड़ा फैसला: चेक बाउंस मामले में दोषी करार, 6 माह की सजा और 99.5 लाख का जुर्माना
देहरादून से एक अहम न्यायिक फैसले में कोर्ट ने चेक बाउंस (धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम) के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए सख्त सजा सुनाई है।वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक पुंडीर ने मामले में मजबूत पैरवी की थी
न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) देहरादून की अदालत ने दौलत राम बनाम अमित सिंह मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद 28 अप्रैल 2026 को निर्णय सुनाया।
क्या है पूरा मामला?
मामले के अनुसार, आरोपी अमित सिंह ने भूमि सौदे से जुड़े लेन-देन के तहत शिकायतकर्ता पक्ष को भुगतान के लिए एक चेक जारी किया था। जब इस चेक को बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो वह अपर्याप्त धनराशि (Insufficient Funds) के कारण बाउंस हो गया।
इसके बाद नियमानुसार नोटिस भेजा गया, लेकिन तय समय में भुगतान नहीं किया गया, जिसके चलते कोर्ट में परिवाद दायर किया गया।
कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि:
चेक आरोपी के खाते का था और उस पर हस्ताक्षर भी आरोपी के थे
कानूनी नोटिस मिलने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया
आरोपी अपने बचाव में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका
इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने माना कि आरोपी पर देनदारी साबित होती है।
सजा और जुर्माना
अदालत ने आरोपी अमित सिंह को:
6 माह का साधारण कारावास
99,50,000 रुपये का जुर्माना
की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही आदेश दिया गया कि:
जुर्माने में से 99 लाख रुपये शिकायतकर्ता को प्रतिकर (कम्पेंसेशन) के रूप में दिए जाएंगे
शेष राशि राजकोष में जमा होगी
अतिरिक्त प्रावधान
जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त 15 दिन की सजा भुगतनी होगी
प्रतिकर राशि न देने की स्थिति में शिकायतकर्ता कानूनी तरीके से वसूली कर सकेगा �
यह फैसला चेक बाउंस मामलों में सख्त रुख का संकेत देता है और वित्तीय लेन-देन में कानूनी जिम्मेदारी की अहमियत को एक बार फिर उजागर करता है।

