
देहरादून/खटीमा — उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सोमवार को खटीमा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि जनहित के कार्यों पर फोकस करें और “रील बाजी” से दूरी बनाएं।
सीएम धामी ने बिना किसी अधिकारी का नाम लिए सख्त लहजे में कहा कि अफसरों को शांति और गंभीरता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहकर समस्याओं का समाधान करना ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर दिखावे की राजनीति या प्रचार।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री की टिप्पणी ने प्रशासनिक हलकों में खूब चर्चा बटोरी। सीएम ने इशारों-इशारों में एक ऐसे अधिकारी का जिक्र किया, जिनकी सोशल मीडिया एक्टिविटी और रील्स हाल के दिनों में चर्चा का विषय बनी हुई थीं। हालांकि मुख्यमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन बैठक में मौजूद अधिकारी और राजनीतिक गलियारे इस संदेश का संकेत समझते नजर आए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए फील्ड में सक्रियता बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने वाले कार्य ही प्रशासन की असली पहचान होते हैं।
सीएम धामी की इस टिप्पणी को नौकरशाही के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि सरकार अब कामकाज की गंभीरता और परिणामों पर ज्यादा जोर चाहती है, न कि सोशल मीडिया उपस्थिति पर।

