बैंक प्रबंधक ही साइबर ठगों के साथ मिलकर खाली करवा रहे खाते

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एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस की बडी कार्यवाही संगठित गिरोह का पर्दाफाश
राष्ट्रीयकृत बैक (सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया दिल्ली / सेलाकूई) 02 बैंक अधिकारियों की 12 लाख की ठगी के आरोप में गिरफ्तारी
पूर्व में भी 03 बैक अधिकारियों की 30 लाख के ठगी प्रकरण मे की जा चुकी है गिरफ्तारी ।

माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के निवासियों को साइबर अपराधियो द्वारा जनता से ठगने वालो पर सख्त कार्यवाही पर पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड द्वारा एसटीएफ व साइबर पुलिस को प्रभावी कार्यवाही हेतु दिशा निर्देश दिए गए है । उक्त आदेशो के अनुपालन मे थाना साइबर पुलिस उत्तराखंड द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्व प्रभावी कार्यवाही करते हुये लगातार सक्रिय रहकर साइबर अपराध में सलिप्त सैन्ट्रल बैक आँफ इण्डिया के 02 बैक अधिकारियों की गिरफ्तारी की गयी है ।
बैक अधिकारियो की मिलीभगत से आम-जनता के खातो के एस0एम0एस0 अलर्ट नम्बर बदलकर 12 लाख की धोखाधडी करने वाले सैन्ट्रल बैक आँफ इण्डिया के 02 बैक अधिकारियो की गिरफ्तारी ।

 वर्तमान में बैंक कर्मचारियो के द्वारा आम जनता के बैंक खातों में एसएमएस अलर्ट नम्बर बदल कर उनकी मेहनत की कमाई को उडाने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं ऐसा ही एक प्रकरण साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ था जिसमें वादी श्रीमति सुमन सहगल निवासी सेलाकूई देहरादून द्वारा सैन्ट्रल बैक आँफ इण्डिया सेलाकुई शाखा में बैक अधिकारियों द्वारा बिना उनकी अनुमति SMS  अलर्ट नम्बर बदल कर खाते से 12 लाख रुपये धोखाधड़ी से निकाले जाने पर मुकदमा अपराध संख्या 12/22 पंजीकृत किया गया । प्रकरणों की गम्भीरता को देखते हुये अभियोग के अनावरण, अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु साइबर थाने से निरीक्षक श्री त्रिभुवन रौतेला के नेतृत्व में टीम गठित की गयी ।
 अभियोग में अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु *घटना में प्रयुक्त मोबाईल नम्बर, ई-मेल आईडी, ई-वालेट, तथा बैंक खातों व सीसीटीवी फुटेज व भौतिक साक्ष्यो के  विश्लेषण करने पर  जानकारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि सेन्ट्रल बैंक ऑफ इन्डिया के अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता की बिना अनुमति के धोखाधड़ीपूर्वक अपने खाताधारक के बैंक खाते से सम्बन्धित गोपनीय जानकारी में परिवर्तन कर नेट/मोबाईल बैंकिग के माध्यम शिकायतकर्ता की धनराशि से  ऑनलाईन माध्यम से सोना खरीदकर उसको बेचकर लाभ अर्जित किया जा रहा था*। 

जिसके उपरान्त थाना साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन को शिकायत प्राप्त होने साइबर थाने से विशेष टीम का गठन कर टीम द्वारा कम्पनियों से प्राप्त विवरण का गहनता से विश्लेषण एवं अन्य तकनीकी रुप से साक्ष्य एकत्रित कर पुलिस टीम  द्वारा पूर्व में  घटना में संलिप्त सेन्ट्रल बैंक ऑफ इन्डिया बैंक के 03 बैक अधिकारियों को गिरफ्तार कर जिला कारागार भेजा गया था । इससे पूर्व भी थाना साइबर क्राईम पर अतुल कुमार शर्मा द्वारा पंजीकृत मु0अ0स0 09/22 जिसमें बैक अधिकारियों द्वारा उनकी माता के बैक खाते का एस0एम0एस0 अलर्ट नम्बर बदलकर खाते से 30 लाख रुपये की धोखाधडी की गयी थी में भी सैन्ट्रल बैक आँफ इण्डिया के 03 बैक अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है ।  
अभियोग में पुलिस कार्यवाही जारी रखते हुयी पुलिस टीम द्वारा लगातार अन्य अभियुक्तो की तलाश की जा रही थी , जिस पर  सुरागरसी पतारसी करते हुए घटना में सलिप्त अन्य 02 अभियुक्तो में से *01 अभियुक्त अनिरुद्ध थापा , सहायक प्रबन्धक सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया बदरपुर दिल्ली से  व एक अन्य अभियुक्त सनी गुलेरी प्रबन्धक क्षेत्रीय कार्यालय सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया को देहरादून  से गिरफ्तार किया गया*

अपराध का तरीकाः-
अभियुक्तगण द्वारा प्रतिष्ठित बैक शाखा सैन्ट्रल बैक आँफ इण्डिया के कर्मचारियों द्वारा लम्बे समय से Inactive खातों की जानकारी कर उसके SMS अलर्ट नम्बर को बदलकर नेट/मोबाईल बैंकिग के माध्यम शिकायतकर्ता की धनराशि से ऑनलाईन माध्यम से सोना खरीदकर उसको बेचकर लाभ अर्जित कर अपराध कारित करते थे और लाभ से प्राप्त धनराशि को आपस में बाँट लिया करते थे।
गिरफ्तार अभियुक्त-
1- अनिरुद्ध थापा पुत्र श्री सुरेन्द्र सिंह थापा निवासी मकान नं0 14 बी/2 निंबूवाला थाना गढ़ी कैन्ट जनपद देहरादून हाल पता कार्यालय सहायक प्रबन्धक सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया शाखा बदरपुर दिल्ली।
2- सनी गुलेरी पुत्र भूरी सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट ज्वालामुखी जनपद कांगड़ा हिमाचल प्रदेश हाल पता प्रबन्धक सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया क्षेत्रिय़ कार्यालय देहरादून।
बरामदगी-

  1. दो अदद मोबाईल (घटना में प्रयुक्त)
    पुलिस टीम-
    1- निरीक्षक श्री त्रिभुवन रौतेला
    2 उ0नि0 राहुल कापड़ी
    3- का0 मुकेश कुमार
    4- का0 हरेन्द्र भण्डारी
    4- Technical Team/ एसटीएफ प्रभारी एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा जनता से अपील की है कि समय समय पर बैंक में भौतिक रुप से जाकर अपने खाते की जानकारी करते रहें व लम्बे समय तक अपने खाते को Inactive न रखें । कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन व साईबर हेल्पलाईन 1930 पर सम्पर्क करें ।