
नंदा की चौकी में पुल नहीं, एप्रोच रोड धंसी; भारी बारिश के बीच अफवाहों पर न दे ध्यान
देहरादून। राजधानी देहरादून में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच नंदा की चौकी स्थित पुल को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित होने लगीं। इस पर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है और उसके क्षतिग्रस्त होने की खबरें गलत हैं। प्रशासन के अनुसार, पुल से पहले की एप्रोच रोड का एक हिस्सा बारिश के कारण धंस गया है, जबकि पुल की संरचना सुरक्षित बनी हुई है।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को मौके का वास्तविक वीडियो और तस्वीरें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों के बीच सही जानकारी पहुंचे और किसी तरह की अफवाह न फैले। अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के कारण सड़क को नुकसान पहुंचा है, लेकिन पुल पर कोई संरचनात्मक क्षति नहीं हुई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें तथा केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।
उत्तराखंड में पहले भी पुलों को भारी नुकसान
प्रदेश में इससे पहले भी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान कई पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वर्ष 2008 में हल्द्वानी की गौला नदी पर बना आरसीसी बाईपास पुल भारी बाढ़ में आंशिक रूप से ढह गया था। वर्ष 2012 में उत्तरकाशी की अस्सी गंगा घाटी में बादल फटने से कई मोटर और पैदल पुल बह गए थे। इसी वर्ष पौड़ी गढ़वाल के चौरास में निर्माणाधीन पुल गिरने से छह श्रमिकों की मौत हुई थी। वहीं वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में रामबाड़ा पुल सहित प्रदेशभर में करीब 147 पुल और 1,300 से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त या बह गई थीं। इस बार हालांकि नंदा की चौकी में पुल सुरक्षित है और केवल एप्रोच रोड प्रभावित हुई है।

