बहुत बड़ा मामला है जेनी प्रकरण का पुनः ज़िंदा होना।

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बहुत बड़ा मामला है जेनी प्रकरण का पुनः ज़िंदा होना।

अंकिता मामले से तुलना की जानी चाहिए इसकी :

अंकिता कांड (धामी सरकार की कार्रवाई)

  • अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी
  • ⁠अंकिता के माता-पिता की इच्छानुसार जाँच अधिकारियों में बदलाव
  • ⁠लोअर कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट तक स्ट्रॉंग पैरवी
  • ⁠आरोपियों को एक दिन भी ज़मानत नहीं
  • ⁠दोषियों को उम्र क़ैद की सज़ा
  • ⁠माता-पिता की इच्छानुसार VIP एंगल जानने के लिए CBI को जाँच सौंपी

जेनी कांड- (कांग्रेस सरकार की लीपापोती)

  • पहले दिन से ही हर स्तर पर गुमराह किया गया
  • ⁠नाबालिग से रेप के आरोपी तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मंत्री हरक सिंह रावत थे
  • ⁠DNA टेस्ट भी सवालों के घेरे में
  • ⁠एक चौथाई सदी (25 साल) से न्याय की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रही है जेनी

सवाल:

  • ⁠पीड़िता के दोबारा स्वयं सामने आकर आरोप लगाने पर क्या कांग्रेस हरक सिंह को पार्टी से बाहर करेगी ?
  • ⁠क्या राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा जेनी के न्याय की यात्रा निकालेंगे ?
  • ⁠क्या हरक सिंह रावत, जेनी और सोनिया आनंद रावत से अपने संबंधों का खुलासा करेंगे ?

तुलनात्मक टिप्पणी:

जब हम धामी सरकार और कांग्रेस सरकार के समय हुए अंकिता कांड और जेनी कांड की तुलना करते हैं तो दोनों सरकारों की नीयत स्पष्ट रूप से दिखायी देती है।

माननीय उच्च न्यायालय की टिप्पणियां और केस डायरी इस बात की गवाही देती है कि धामी सरकार ने कितनी संवेदनशीलता के साथ एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रभावी पैरवी की और कदम उठाए।
अंकिता के परिजनों की हर बात को मानते हुए जांच को आगे बढ़ाया गया और दोषियों को उम्र क़ैद की सजा दिलवाई गई।

वहीं जेनी कांड सरकारी लीपापोती और न्याय के मखौल का जीता-जागता नमूना है।
जेनी कांड का जिक्र होने पर हरक सिंह रावत की बेशर्म और कुटिल हँसी एक पीड़ित महिला के ऊपर किया गया अहंकारी अट्टहास है।

आज जेनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी पच्चीस वर्षों की पीड़ा और दर्द का जैसा वर्णन किया है, वह अत्यंत मार्मिक है।

एक रसूखदार के सत्ता के नशे और वहशीपन का जिंदा सबूत है जेनी !

‘जेनी की गूंज’ बहुत दूर तक और बहुत देर तक सुनाई देती रहेगी।

अंत में एक बात और:

उत्तराखंड में पुष्कर धामी की सरकार है, इसलिए 25 साल बाद ही सही लेकिन जेनी को इस बार न्याय तो मिलकर ही रहेगा।