पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और जसबीर कौर पर मकान हड़पने का आरोप, बुजुर्ग दिव्यांग ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार
देहरादून। राजधानी देहरादून में पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत और जसबीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद रावत को लेकर एक बुजुर्ग दिव्यांग व्यक्ति ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों हाथों से दिव्यांग और खुद को बेसहारा बताते हुए हरिओम सहगल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर अपने भवन पर कब्जे, धोखाधड़ी, धमकी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मकान बेचने के नाम पर उन्हें पूरी रकम नहीं दी गई और बाद में उनके भवन पर जबरन कब्जा कर लिया गया।
एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में हरिओम सहगल ने बताया कि उन्होंने 21 जून 2021 को खुड़बुड़ा मोहल्ला स्थित अपना भवन जसबीर कौर आनंद को दो विक्रय पत्रों के माध्यम से बेचा था। आरोप है कि रजिस्ट्री के दिन उन्हें भुगतान के लिए दिए गए कुछ एसबीआई के चेक वापस ले लिए गए और नकद भुगतान भी नहीं किया गया। बाद में भुगतान के लिए दिया गया 31 लाख रुपये का चेक 20 अगस्त 2021 को खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस मामले में उन्होंने महाराष्ट्र के नासिक में चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से मामला देहरादून स्थानांतरित कराया गया। उन्होंने रजिस्ट्री निरस्तीकरण के लिए भी दो अलग-अलग वाद दायर किए हैं, जो उनके अनुसार अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं।
हरिओम सहगल ने आरोप लगाया कि 30 जनवरी 2022 को कुछ लोगों ने उन्हें जबरन भवन से बाहर निकाल दिया और मकान पर कब्जा कर लिया। इस दौरान उन्हें जान से मारने और पैर तुड़वाने की धमकी भी दी गई। उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस से शिकायत करने पर इसे सिविल न्यायालय का मामला बताकर कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ता ने जसबीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद रावत के अलग-अलग नामों और पतों से बैंक खाते संचालित होने का आरोप लगाते हुए संबंधित बैंकों के केवाईसी दस्तावेजों और पहचान संबंधी रिकॉर्ड की जांच की मांग भी की है। उन्होंने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के साथ उनके वैवाहिक संबंधों और सार्वजनिक दस्तावेजों में दर्ज नामों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
प्रार्थना पत्र में एमडीडीए की ओर से वर्ष 2018 में भवन सील किए जाने का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया है कि बाद में भवन की सील तोड़कर निर्माण या उपयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि भवन के आसपास की गुरुद्वारे की जमीन और वन भूमि से संबंधित मामलों में भी प्रभाव का इस्तेमाल किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।
एसएसपी से लगाई कार्रवाई की गुहार
हरिओम सहगल ने एसएसपी से मांग की है कि रजिस्ट्री निरस्तीकरण के मुकदमों का निस्तारण होने तक उनके भवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर एमडीडीए से भवन को दोबारा सील कराने और उनके निजी आवास के लिए कुछ कमरे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने जसबीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद रावत, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और उनसे जुड़े लोगों की संपत्तियों की भी जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के संबंध में स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

