नर्सिंग अधिकारी परीक्षा: व्यक्तिगत ठगी का मामला, पेपर लीक के आरोप तथ्यहीन

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नर्सिंग अधिकारी परीक्षा: व्यक्तिगत ठगी का मामला, पेपर लीक के आरोप तथ्यहीन

देहरादून

उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (चिकित्सा शिक्षा विभाग) द्वारा आयोजित नर्सिंग अधिकारी भर्ती परीक्षा 2026 के संबंध में फैलाए जा रहे पेपर लीक व गड़बड़ी के आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह पूरा प्रकरण किसी परीक्षा संबंधी गड़बड़ी या पेपर लीक का न होकर, एक आदतन अपराधी द्वारा सरकारी नौकरी का फर्जी झांसा देकर की गई व्यक्तिगत धोखाधड़ी का मामला है।
पारदर्शी एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हुई परीक्षा
बोर्ड द्वारा नर्सिंग अधिकारी (महिला/पुरुष) के कुल 587 पदों हेतु परीक्षा 25 एवं 26 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी। 25 जुलाई को डिप्लोमाधारक अभ्यर्थियों तथा 26 जुलाई को डिग्रीधारक अभ्यर्थियों की परीक्षा संपन्न कराई गई। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान जांच, बायोमेट्रिक, वीडियोग्राफी एवं पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती जैसी सभी आवश्यक सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूर्ण थीं। बोर्ड द्वारा निर्धारित समय पर औपबंधिक उत्तर-कुंजिकाएं (Provisional Answer Keys) भी जारी कर दी गई हैं, जिससे स्पष्ट है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ रही है।

नौकरी के नाम पर 32 लाख की ठगी, मामला दर्ज
दिनांक 17 अगस्त 2026 को एक अभ्यर्थी की शिकायत पर थाना नेहरू कॉलोनी, देहरादून में मु0अ0सं0 331/2026, धारा 318(4) BNS के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार आरोपी चारू चंद्र जोशी (पुत्र स्व. रामेश्वर प्रसाद जोशी / उमेश चंद्र जोशी, मूल निवासी – ग्राम सिल्ली/पिलखी) ने स्वयं को ‘ड्रग इंस्पेक्टर’ बताकर तथा स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क का दावा कर नर्सिंग अधिकारी के पद पर चयन कराने के नाम पर अभ्यर्थी से ₹32 लाख (नकदी, ऑनलाइन ट्रांसफर व सोना गिरवी रखवाकर) ठग लिए।
मुख्य आरोपी चारू चंद्र जोशी का आपराधिक इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड एवं दर्ज मुकदमों (FIRs) के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया है कि मुख्य आरोपी चारू चंद्र जोशी एक पेशेवर एवं आदतन अपराधी है, जो स्वयं को अधिकारी बताकर लोगों से पैसे ऐंठने का काम करता रहा है। इसके खिलाफ पूर्व में भी कई अभियोग पंजीकृत हैं:

  • FIR No. 298/2016 (थाना हल्द्वानी): स्वयं को PCS अधिकारी (1st Class) बताकर रिवॉल्वर का लाइसेंस बनवाने के नाम पर ₹3,15,000/- की ठगी।
  • FIR No. 17/2022 (थाना हल्द्वानी): स्वयं को प्रशासनिक अधिकारी बताकर बेस अस्पताल हल्द्वानी में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹5,00,000/- की ठगी।
  • FIR No. 41/2022 (थाना हल्द्वानी): स्टाफ नर्स को नौकरी का झांसा देकर ₹5,30,000/- की ठगी एवं बाउंस चेक देने का मामला।
  • FIR No. 84/2022 (थाना हल्द्वानी): स्वयं को डिस्ट्रिक्ट मेडिकल ऑफिसर (DMO) बताकर अस्पताल में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ₹5,00,000/- की ठगी।

आरोपों में साक्ष्य का अभाव
हाल ही में छात्र संगठनों एवं छात्र संघों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर व्यक्तिगत ठगी के इस प्रकरण को परीक्षा की अनियमितता, सील खुली होने व पेपर लीक से जोड़ने की कोशिश की गई है। हालांकि, जांच में आरोपी चारू चंद्र जोशी की परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी, प्रश्नपत्र निर्माण, वितरण व्यवस्था या चयन प्रक्रिया तक किसी भी प्रकार की पहुंच सिद्ध नहीं हुई है। परीक्षा केंद्रों पर सील खुली होने या समय से पूर्व परीक्षा शुरू होने जैसे दावों के समर्थन में कोई भी प्रामाणिक दस्तावेज, वीडियो या केंद्र व्यवस्थापक की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।

समग्र तथ्यों के परीक्षण से स्पष्ट है कि यह मामला एक आदतन अपराधी द्वारा नौकरी दिलाने का फर्जी आश्वासन देकर की गई व्यक्तिगत ठगी का है। इस व्यक्तिगत आपराधिक मामले को संपूर्ण भर्ती परीक्षा की शुचिता से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों व आरोपी के संपर्कों की गहन विवेचना की जा रही है। वर्तमान में परीक्षा में किसी भी प्रकार की संगठित गड़बड़ी या प्रश्नपत्र लीक की कोई पुष्टि नहीं हुई है।