नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन से सीमांत विकास को मिलेगी नई गति, सीएम धामी ने की बड़ी घोषणाएं

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नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन से सीमांत विकास को मिलेगी नई गति, सीएम धामी ने की बड़ी घोषणाएं
चमोली। नीति घाटी में आयोजित तीन दिवसीय “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभागियों और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत नीति घाटी में आयोजित यह आयोजन पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने का माध्यम बनेगा।सचिव पर्यटन धीराज सिंह ने सीएम धामी के सपने को सच कर दिया है पूर्व में पीएम नरेंद्र मोदी इस आयोजन पर बधाई दे चुके है जबकि आईटीबीपी का खास सहयोग रहा है


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सीमांत गांवों को देश का पहला गांव मानते हुए उनके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि नीति क्षेत्र में होम स्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो चुकी है, जो क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन का प्रमाण है। 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित अल्ट्रा रन युवाओं के साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति, मलारी, कोशा, फरकिया, बाम्पा, गुरगुटी, कैलाशपुर और महरगांव में सामुदायिक होम स्टे एवं ग्रामीण पर्यटन सुविधाओं के विकास की घोषणा की। साथ ही नीति घाटी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर साइनज और व्यू प्वाइंट विकसित किए जाएंगे। रिमखिम और बाड़ाहोती क्षेत्र में बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए “सीमा दर्शन केंद्र” स्थापित किया जाएगा, जबकि गमशाली स्थित दुप्फूधार मैदान में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया जाएगा।


पर्यटन विभाग, भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस महाआयोजन में देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 5, 10, 21, 42 और 75 किलोमीटर की विभिन्न दौड़ स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के अंतिम दिन 2 जून को गमशाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति घाटी का यह जागरण सीमांत क्षेत्रों के स्वाभिमान, स्वावलंबन और नए विश्वास की नई इबारत है तथा यह अभियान उत्तराखंड की अन्य सीमांत घाटियों तक भी पहुंचाया जाएगा।