इन्वेस्टमेंट के नाम पर 27 लाख की ठगी, एसटीएफ ने साइबर ठग को हरियाणा से दबोचा

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इन्वेस्टमेंट के नाम पर 27 लाख की ठगी, एसटीएफ ने साइबर ठग को हरियाणा से दबोचा
देहरादून, 06 मई 2026: उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इन्वेस्टमेंट के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले शातिर साइबर अपराधी को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने देहरादून निवासी को झांसे में लेकर करीब 27.38 लाख रुपये की ठगी की थी।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि प्रेमनगर निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को जुलाई 2025 में व्हाट्सएप के जरिए “माया शर्मा” नाम की महिला ने संपर्क कर ऑनलाइन काम और निवेश के नाम पर बड़ा मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद उसे टेलीग्राम ग्रुप “Digit Trade Data Operationin” से जोड़कर यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करने जैसे टास्क दिए गए।
धीरे-धीरे भरोसा जीतकर आरोपी गिरोह ने पीड़ित से उसके और उसकी मां के खातों से अलग-अलग खातों में कुल 27,38,500 रुपये ट्रांसफर करा लिए। कुछ समय बाद ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले में साइबर क्राइम थाना देहरादून में बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डेटा का विश्लेषण कर आरोपी की पहचान की।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विनोद (39 वर्ष) निवासी सोनीपत, हरियाणा के रूप में हुई है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी वर्क फ्रॉम होम और निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को ठगता था। जांच में सामने आया कि आरोपी के खाते से करीब 8 लाख रुपये की निकासी की गई थी।
गिरफ्तारी टीम में शामिल रहे:
निरीक्षक राजेश सिंह
कांस्टेबल सोहन बडोनी
कांस्टेबल हरेंद्र भंडारी
एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर निवेश न करें, अपने बैंक खाते, OTP, PIN या UPI डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें। साथ ही फर्जी निवेश ऑफर्स, टेलीग्राम/यूट्यूब टास्क या “डिजिटल अरेस्ट” जैसे झांसे से सावधान रहें।
किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।