कैबिनेट बैठक में हुए ये अहम फैसले

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई. धामी मंत्रिमंडल की बैठक में तमाम महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई. जिसमें से कुल 5 प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगी है. विधानसभा बजट सत्र से पहले धामी मंत्रिमंडल की एक ओर बैठक होने की संभावना है. जिसमें कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है.

उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने को मंजूरी मिल गई है. भारत के संविधान के अनुच्छेद-29 के प्राविधानों में अल्पसंख्यक वर्गों के हितों को संरक्षण प्रदान किया गया है. राज्य में अल्पसंख्यक मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी एवं सिख धर्मों / समुदायों के संवैधानिक अधिकारों के हितों की रक्षा एवं सामाजिक तथा आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से साल 2002 में समय-समय पर संशोधन करते हुए अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया गया. वर्तमान में इस समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान किए जाने के उद्देश्य से एवं गठित आयोग को पूर्ण कालिक अवधि देने और अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा की जा रही मांग के क्रम में आयोग के कार्यक्षेत्र एवं आयोग के कार्यों में त्वरित कार्यवाही की जा सके.
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993) (संशोधन) विधेयक, 2026 के संबंध में राज्य की सेवा में पूर्व सैनिक को आरक्षण का लाभ दिये जाने के लिए कार्मिक विभाग की ओर से 22 मई 2020 को जारी शासनादेश के बिन्दु 08 के प्रावधान को अधिनियम के रूप में प्रख्यापित किए जाने को मंजूरी दे दी है.
उत्तराखण्ड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026 को मिली मंजूरी.
उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 को प्रख्यापित करने को मिली मंजूरी. नैनीताल जिले में माउंट वैली विश्वविद्यालय, देहरादून जिले में तुलाज विश्वविद्यालय और शिवालिक विश्वविद्यालय नाम से निजी विश्वविद्यालय स्थापित किये जाने को कैबिनेट से मिली मंजूरी.
उत्तराखण्ड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026 को अधिनियमित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी। दरअसल, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, द्वारा स्वतंत्रता पूर्व ब्रिटिश कालीन सार्वजनिक द्यूत अधिनियम, 1867 (अधिनियम संख्या 3) को निरसित करते हुए एक नये अधिनियम को अधिनियमित किये जाने के निर्देश के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में सार्वजनिक द्यूत, सामान्य द्यूत घर चलाने, खेलों में सट्टेबाजी की रोकथाम और दण्ड का प्रावधान करने और इससे संबंधित या इसके आनुषंगिक मामलों के लिए प्रावधान करने के लिए उत्तराखण्ड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026 को अधिनियमति किये जाने का निर्णय लिया गया.