
उत्तराखंड एसटीएफ साइबर क्राइम पुलिस टीम की बड़ी कार्रवाई – साइबर ठगी का बड़ा खुलासा प्रतिष्ठित निवेश फर्म बनकर साइबर गिरोह का खेल, VIP ग्रुप में जोड़कर “ASKICPRO” ऐप से 1.17 करोड़ की ठगी।
(अभियुक्त को प्राप्त Warrant B के अनुपालन में अंबाला, हरियाणा से लाया गया तथा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून द्वारा न्यायालय में पेश कर अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही विधिक प्रावधानों के तहत की जा रही है।)
- ASK के नाम पर निवेश का झांसा, व्हाट्सएप ग्रुप से करोड़ों की ठगी
- “ASKICPRO” ऐप बनाकर निवेशकों को फंसाया, 1.17 करोड़ की ऑनलाइन धोखाधड़ी
- फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड दिखाकर कराया निवेश, रकम निकालने पर मांगा 72 लाख कमीशन
- VIP व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर स्टॉक मार्केट ठगी, संगठित साइबर गिरोह सक्रिय
- हाई रिटर्न का लालच देकर खातों में डलवाए लाखों, निकासी पर खेल हुआ बेनकाब
श्पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड, दीपम सेठ के मार्गदर्शन में, साइबर पुलिस निरंतर लोगों के पैसे बचाने, जागरूकता अभियान चलाने और देश भर से गिरफ्तारियां करने में सक्रिय है। साथ ही, साइबर अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर साइबर पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम भी प्रभावी रूप से किया जा रहा है। अभियोगों की समीक्षा ADG लॉ एवं आर्डर डॉ. वी. मुरुगेसन तथा IG एस0टी0एफ/साइबर डॉ. नीलेश आनंद भरने द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाती है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, श्अजय सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि एक प्रकरण देहरादून निवासी शिकायतकर्ता द्वारा अप्रैल 2025 में दर्ज कराया गया था। शिकायतकर्ता से व्हट्अप चैट के माध्यम से सम्पर्क कर षडयन्त्र के तहत धोखा देने की नियत से स्वंय को वित्तीय सलाहकार, विश्लेषक और कार्यकारी प्रतिष्ठित निवेश फर्म ASK Investment Managers Ltd.. से बताकर वट्सएप ग्रुप “274-1V1 VIP Group” “K668- ASK Wealth Wisdom Consortium” में जोड़कर लिंक के माध्यम से ‘”ASKICPRO” नामक एप डाउनलोड एवं रजिस्टर करवाकर विश्वास में लेकर स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर दिये गये खातों में पैसा जमा करवाकर विभिन्न लेन-देन के माध्यम से कुल 1,17,00,000/- रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई। पीड़ित को इस बात का आभास भी नहीं हुआ कि वह एक सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार बन रहा है।
प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड के दिशा निर्देशन में मामले का प्रवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार, सहायक पुलिस अधीक्षक, श्री कुश मिश्रा एवं विवेचना श्री विकास भारद्वाज निरीक्षक, साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, देहरादून के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराध अभियुक्त को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की । साईबर टीम द्वारा विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत प्रकाश में आये अभियुक्त बलजीत सिंह पुत्र गुरमेल सिंह निवासी 10/54 गोविंदगढ़ 255 ,माथेरी शेखां ,अंबाला, हरियाणा के रूप में की गई जो फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल षड्यंत्रपूर्वक स्वयं को प्रतिष्ठित निवेश फर्म ASK Investment Managers Ltd. का वित्तीय सलाहकार/विश्लेषक बताकर इस्तेमाल किया जाता था इसी क्रम में आरोपी अभियुक्त बलजीत सिंह पुत्र गुरमेल सिंह,को अंबाला, हरियाणा से Warrant B के अनुपालन से गिरफ्तार किया गया व साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन द्वारा न्यायालय में उपस्थित कराकर अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही विधिक प्रावधानों के तहत की गई ।
अपराध का तरीका:- अज्ञात साइबर ठगों द्वारा वादी से व्हाट्सएप चैट के माध्यम से संपर्क कर षड्यंत्रपूर्वक स्वयं को प्रतिष्ठित निवेश फर्म ASK Investment Managers Ltd. का वित्तीय सलाहकार/विश्लेषक बताकर विश्वास में लिया गया। अभियुक्तों ने वादी को व्हाट्सएप ग्रुप “274-1V1 VIP Group” एवं “K668- ASK Wealth Wisdom Consortium” में जोड़कर लिंक के माध्यम से “ASKICPRO” नामक एप डाउनलोड व रजिस्टर कराया।उक्त व्यक्ति द्वारा स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग में उच्च लाभ का झांसा देकर वादी से विभिन्न खातों में धनराशि जमा करवाई गई। इस प्रकार विभिन्न लेन-देन के माध्यम से वादी के साथ कुल ₹1,17,00,000/- (एक करोड़ सत्रह लाख रुपये) की ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी की गई।
प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र 1-2 माह में ही लाखों रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है । जाँच में यह भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्तगण के बैंक खाते के विरुद्ध देश के कई राज्यों में FIR दर्ज हैं । जिसके सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है ।
गिरफ्तार अभियुक्ता का नाम पता – बलजीत सिंह पुत्र गुरमेल सिंह निवासी 10/54 गोविंदगढ़ 255 ,माथेरी शेखां ,अंबाला, हरियाणा पिन कोड 134003
गिरफ्तारी का स्थान – अंबाला, हरियाणा
गिरफ्तारी पुलिस टीम-
1-निरी0 श्री विकास भारद्वाज
2-उ0नि0 दिनेश पंवार
3- कानि0 श्री नीरज
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड श्री अजय सिंह द्वारा जनता से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट एक स्कैम है जो वर्तमान में पूरे भारत वर्ष में चल रहा है, कोई भी सी0बी0आई0 अफसर, मुम्बई क्राईम ब्रान्च, साइबर क्राइम, IT या ED अफसर या कोई भी एजेंसी आपको व्हाट्सएप के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट करने हेतु नोटिस प्रेषित नहीं करती है। साथ ही कोई व्यक्ति आपको फर्जी दस्तावेज, अवैध सामग्री आदि के नाम पर आपको डरा धमका रहा है या पैसों की मांग कर रहा है तो इस सम्बन्ध में STF/साइबर थानों में अतिशीघ्र अपनी शिकायत दर्ज करायें। उक्त सम्बन्ध में ज्यादा से ज्यादा जागरुक हों। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें । किसी भी प्रकार के ऑनलाईन कम्पनी की फ्रैन्चाईजी लेने, यात्रा टिकट आदि को बुक कराने से पूर्व उक्त साईट का स्थानीय बैंक, सम्बन्धित कम्पनी आदि से पूर्ण वैरीफिकेशन व भली-भाँति जांच पड़ताल अवश्य करा लें तथा गूगल से किसी भी कस्टमर केयर का नम्बर सर्च न करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन से सम्पर्क करें । अगर आपको ऐसी ही कोई कॉल या मैसेज आए तो इसकी शिकायत जरूर करें। सरकार ने साइबर और ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए संचार साथी वेबसाइट पर चाक्षु पोर्टल लॉन्च किया है। आप इस तरह की घटना की शिकायत 1930 साइबरक्राइम हेल्पलाइन पर या http://www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज करा सकते हैं।

