देहरादून उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के एक आदेशों से राज्य के करीब 3 हजार दरोगदाओं के सामने भविष्य का संकट खडा हो गया है। समय समय पर थानों का उच्चीकरण तो होता गया लेकिन दरोगाओं के प्रमोशन का ख्याल नही आ सका। उत्तरप्रदेश में जहाँ 2013 बैच के दरोगा प्रमोट हो चुके है पुलिस मुख्यालय स्तर से सूत्र बताते है कि एक आदेश दोनो रेंज को हुआ है जिसमें इंस्पेक्टर स्तर के लिये प्रमोट हो चुके थानों में सिर्फ अब सिर्फ इंस्पेक्टर ही तैनात होगें ज्बकि कोतवाली में इंस्पेक्टर पहले से ही पोस्ट किये जाते है। अब दरोगा सिर्फ पर्चे काटेंगें या अनुभव होने के बावजूद बेमन से काम करेंगें ये भी सवाल है।
बीते साल उत्तराखंड पुलिस में विभिन्न पदों पर बंपर पदोन्नतियां हुईं, बावजूद इसके पुलिस के एक वर्ग में अब भी मायूसी छाई है। पदोन्नति के इंतजार में बहुत से दरोगा ऐसे हैं जो अब सेवानिवृत्ति की कगार पर पहुंचने वाले हैं। इस बात पर विभाग में अब चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है।वाला यूपी का दिया जा रहा है कि वहां 2013 बैच के दरोगा अगले पायदान पर पहुंच गए हैं, जबकि उत्तराखंड में 2008 बैच के भी दरोगाओं के कंधे पर तीसरा सितारा नहीं लग सका है। फोर्स में इंस्पेक्टर के पद न बढ़ने से दरोगाओं में इस बात की चिंता बढ़ने लगी है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2013 बैच तक के दरोगा इंस्पेक्टर बन चुके हैं जबकि उत्तराखंड में 23 साल पुराने 2002 बैच के प्रमोशन की प्रक्रिया कुछ साल पहले ही पूरी हुई
हवाला यूपी का दिया जा रहा है कि वहां 2013 बैच के दरोगा अगले पायदान पर पहुंच गए हैं, जबकि उत्तराखंड में 2008 बैच के भी दरोगाओं के कंधे पर तीसरा सितारा नहीं लग सका है। फोर्स में इंस्पेक्टर के पद न बढ़ने से दरोगाओं में इस बात की चिंता बढ़ने लगी है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2013 बैच तक के दरोगा इंस्पेक्टर बन चुके हैं जबकि उत्तराखंड में 23 साल पुराने 2002 बैच के प्रमोशन की प्रक्रिया कुछ साल पहले ही पूरी हुई है।
जैसे ही नंबर 2008 का आया तो बहुत से दरोगाओं का खाता खुल गया और वे इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत हो गए। अब आगे जगह नहीं तो फिलहाल पदोन्नति पर विराम सा लग गया। नतीजा ये है कि 2008 बैच के महज 20 फीसदी से कुछ ज्यादा का ही पदोन्नति ले लिए नंबर आ सका है। इस बैच की बात करें तो बहुत से दरोगा कई साल पहले उम्र के 50वें पायदान को पार कर चुके हैं।वहीं अब पुलिस मुख्यालय के नये आदेशों से प्रमोशन के साथ साथ तैनाती भी खत्म होना लगभग तय हो चुका है। पुलिस महकमे में अंदरखाने उच्च स्तर पर इस मामले को उठाने की भी बातें दरोगा कर रहे है ज्बकि प्रमोशन की प्रक्रिया की अनदेखी से भी वो नाराज है। ऐसे में कई पुलिस कर्मी मुख्य़मंत्री पुष्कर सिंह धामी से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे है सीएम धामी राज्य के गृहमंत्री भी है।

