देहरादून आरटीओ संदीप सैनी के आदेशों पर आज कंप्यूटर के माध्यम से चेकिंग के बाद आंकड़ों के अनुसार सरकारी गाड़ियों का डेटा चेक किया गया , जिसमे देखा गया लगभग 731 सरकारी गाड़ियां / दो पहिया / भार वाहन ऐसे हैं जिनका प्रदूषण प्रमाण पत्र वैध प्रदर्शित नहीं हो रहा है । उक्त में सबसे अधिक प्रदूषण समाप्त वाहन निम्न विभागों के सामने आए :
पुलिस विभाग : 320
वन विभाग : 38
एनिमल हसबैंडरी :57
डीजी हेल्थ : 38
कमर्शियल टैक्स : 7
Executive engineer :22
अन्य विभाग : कॉमर्शियल (जीएसटी), आबकारी , राज्य संपत्ति विभाग , रेवन्यू बोर्ड , जिला प्रशासन आदि
उक्त सभी विभागों को नोटिस भेजा जाएगा , जो वाहन लिस्ट में संचालन योग्य है और संचालित हो रही है , उनका प्रदूषण प्रमाण पत्र ५ दिवस के भीतर बनवा लें ।
अन्यथा ऐसे समस्त वाहनों का चालान कर दिया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी ।
नियम 115(7) – पीयूसीसी (PUCC) अनिवार्य
प्रत्येक वाहन के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) रखना अनिवार्य है।
धारा 190(2) – दंड एवं लाइसेंस निलंबन
प्रथम अपराध पर ₹2,500 का समन शुल्क (Compounding Fees) तथा चालक का ड्राइविंग लाइसेंस 3 माह के लिए निलंबित किया जाएगा।
द्वितीय एवं उसके पश्चात प्रत्येक अपराध पर ₹5,000 का समन शुल्क तथा ड्राइविंग लाइसेंस 3 माह के लिए निलंबित किया जाएगा।
नियम 116 – वाहन स्वामी की जिम्मेदारी
यदि वाहन स्वामी 7 दिवस के भीतर नियमों का पालन नहीं करता है, तो उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

