ऋषिकेश धामी सरकार में चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड आगमन हुआ, राज्य के आला अधिकारी यात्रा की तैयारियों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे 30 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा की तैयारियों की समीक्षा कर अंतिम रूप देने गढ़वाल आयुक्त व सचिव सीएम विनय शंकर पांडे ऋषिकेश स्थित बस ट्रांजिट कंपाउंड पहुंचे।
चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिले, इस पर गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे का खास फोकस बना हुआ है। मुख्य रूप से हरिद्वार से चार धाम यात्रा मार्ग पर यातयात व्यवस्था और पार्किंग की दिक्कत तीर्थयात्रियों को न झेलनी पड़े, इसके लिए गढ़वाल कमिश्नर काफी सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने गढ़वाल के सभी जिलाधिकारी और एसएसपी को ट्रैफिक, पार्किंग, बिजली, पानी, हेल्थ और सड़कों की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश फिर से दिए हैं।
आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने गढ़वाल के डीएम, एसएसपी और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ चार धाम यात्रा की तैयारी को लेकर बैठक की। बैठक में गढ़वाल आयुक्त ने अब तक की हुई तैयारियों का फीडबैक लिया। फीडबैक में ज्यादातर व्यवस्थाएं दुरुस्त होने की जानकारी मिली है। कुछ व्यवस्थाओं में कमी होने की जानकारी मिलने पर गढ़वाल आयुक्त ने नाराजगी जताई और उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 25 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए फिर से निर्देशित किया।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि इस बार यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ और ट्रैफिक को हरिद्वार और ऋषिकेश में ही नियंत्रित किया जाना बेहद ज्यादा जरूरी है। यदि अधिकारी इसमें सफल हो जाते हैं तो चारों धामों की व्यवस्था बेहतर बनी रहेगी। उन्होंने ऋषिकेश और हरिद्वार में पार्किंग के लिए साइन बोर्ड और पार्किंग में यूरिनल के साथ पेयजल की उचित व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों को कहा। यात्रा मार्ग पर बिना रजिस्ट्रेशन के आने वाले तीर्थयात्रियों को रोकने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा हरिद्वार के डीएम की डिमांड पर परिवहन निगम को हरिद्वार से बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए प्रतिदिन पांच-पांच बसों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कहा। गढ़वाल कमिश्नर ने बताया कि 28 अप्रैल से ऋषिकेश में ऑफलाइन पंजीकरण शुरू कर दिए जाएंगे। पंजीकरण के लिए हरिद्वार में 20 ऋषिकेश में 30 और विकासनगर में 15 पंजीकरण काउंटर खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष की यात्रा से काफी अनुभव अधिकारियों को मिले हैं उन अनुभव के आधार पर इस बार किसी भी श्रद्धालुओं को बिना दर्शन के वापस नहीं भेजा जाएगा।