
देहरादून। नगर निगम देहरादून में वित्तीय अनुशासन को सख्त करते हुए नगर आयुक्त नमामी बंसल ने बड़ा फैसला लिया है। निगम से वेतन पाने वाले लेकिन अन्य विभागों में तैनात 56 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में आउटसोर्स कार्मिक उपलब्ध कराने वाली एजेंसी को औपचारिक पत्र भी भेज दिया गया है।
नगर निगम में इस समय करीब 363 कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 140 सफाई कार्य में लगे हुए हैं, जबकि शेष अन्य विभागों में तैनात हैं। अधिकारियों के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों के कारण निगम पर काफी अधिक वित्तीय भार पड़ रहा था।
नगर आयुक्त नमामी बंसल ने सभी विभागों और पटलों के प्रभारियों को कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा करने और अनावश्यक एवं कार्य में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सभी पटलों से प्राप्त सूचियों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार
निर्माण विभाग से 12
भूमि अनुभाग से 8
जोनल कार्यालयों से 5
वर्कशॉप से 5
कर अनुभाग से 4
सहित अन्य विभागों से कुल 56 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाया गया है।
इनमें करीब 12 ऐसे कर्मचारी भी शामिल थे, जिनकी ड्यूटी अन्य विभागों के दफ्तरों में लगी थी, लेकिन उनका वेतन नगर निगम द्वारा दिया जा रहा था, जिससे निगम पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बन रहा था।
नगर आयुक्त नमामी बंसल ने बताया कि नगर निगम द्वारा पार्कों और चार्जिंग स्टेशनों जैसे विकास कार्यों पर पहले ही भारी व्यय किया जा चुका है, जहां आवश्यकतानुसार माली और अन्य कार्मिक तैनात किए जाने हैं। ऐसे में अनावश्यक आउटसोर्स कार्मिकों को हटाकर खर्च में कटौती करना जरूरी था।सूत्रों की माने तो एक पूर्व मंत्री जी के घर भी चार कर्मी तैनात थे
नगर निगम की इस कार्रवाई को वित्तीय अनुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

