
“स्वच्छता क्रांति” से बदली तस्वीर: देहरादून नगर निगम में यूज़र चार्ज संग्रहण और डोर-टू-डोर कलेक्शन में बड़ा सुधार
देहरादून,। नगर निगम देहरादून की “स्वच्छता क्रांति” पहल अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी है। इसी क्रम में शनिवार को महापौर कार्यालय में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें स्वयं सहायता समूहों (SHG) के उत्कृष्ट कार्य को सराहा गया।
कार्यक्रम में महापौर Saurabh Thapliyal और नगर आयुक्त Namami Bansal ने संयुक्त रूप से विभिन्न SHG को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए।
₹1.15 करोड़ से अधिक का संग्रहण
जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच नगर निगम के 57 वार्डों में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों ने डोर-टू-डोर यूज़र चार्ज के रूप में कुल ₹1,15,58,320 की प्रभावी वसूली की। इस उपलब्धि पर निगम द्वारा 25% प्रोत्साहन राशि (₹28,89,580) समूहों को प्रदान की गई।

टॉप 3 समूहों को विशेष सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन स्वयं सहायता समूहों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया:
उड़ान SHG (वार्ड 6, दून विहार) – ₹6,58,880
कात्यायनी आजीविका SHG (वार्ड 64, नेहरूग्राम) – ₹6,04,385
मुस्कान SHG (वार्ड 3, रांझावाला) – ₹4,92,425
कवरेज 45% से बढ़कर 80%
नगर निगम की नई कार्यप्रणाली ने स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया है। पहले जब डोर-टू-डोर कलेक्शन निजी कंपनियों के जरिए होता था, तब रूट कवरेज लगभग 45% ही था। अब स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से यह आंकड़ा बढ़कर करीब 80% तक पहुंच गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
जनभागीदारी बनी ताकत
नगर आयुक्त ने कहा कि “स्वच्छता क्रांति” केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता का सशक्त उदाहरण है। स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी ने न केवल व्यवस्था को मजबूत किया है, बल्कि लोगों में जागरूकता भी बढ़ाई है।
कार्यक्रम में सहायक नगर आयुक्त राजबीर सिंह चौहान समेत कई पार्षद और निगम अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने इस पहल को शहर की स्वच्छता व्यवस्था में मील का पत्थर बताया।
नगर निगम की इस पहल से साफ है कि देहरादून अब स्वच्छता के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

