काठगोदाम आत्महत्या प्रकरण: सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की जांच शुरू, पुलिस ने स्पष्ट किए तथ्य

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काठगोदाम आत्महत्या प्रकरण: सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की जांच शुरू, पुलिस ने स्पष्ट किए तथ्य
देहरादून/नैनीताल।
सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आए एक वीडियो और पोस्ट के बाद काठगोदाम क्षेत्र में आत्महत्या करने वाले सुखवंत सिंह का मामला चर्चा में है। वायरल वीडियो में सुखवंत सिंह ने कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात कही थी। इसके बाद जिन लोगों का नाम वीडियो में लिया गया, उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखते हुए पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट किया है।
कुलविंदर सिंह और उनके साथी अमरजीत सिंह ने बताया कि सुखवंत सिंह के साथ उनकी भूमि से संबंधित रजिस्ट्री हुई थी, जिसकी दाखिल-खारिज भी पूरी हो चुकी है। इसके एवज में सुखवंत ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो चेक दिए थे, जो अधूरे होने के कारण बैंक से बाउंस हो गए। इसके बाद भुगतान को लेकर बातचीत चलती रही, लेकिन सुखवंत सिंह टालमटोल करता रहा और उल्टा उन पर चार गुना राशि का झूठा दावा करने लगा। आरोप है कि उसने लगातार धमकियां दीं और बीते तीन-चार महीनों से फेसबुक व इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक पोस्ट डालकर परिवार और बच्चों की तस्वीरें साझा करते हुए गाली-गलौज की।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने इस उत्पीड़न को लेकर कई थानों में शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन सुनवाई न होने पर उन्हें माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल से संरक्षण आदेश लेना पड़ा। अब वायरल वीडियो में नाम आने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया है कि उस वीडियो या उसमें कही गई बातों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही उन्होंने आशंका जताई है कि भविष्य में यदि उन्हें या उनके परिवार को किसी प्रकार की क्षति होती है तो इसके लिए सुखवंत सिंह का परिवार जिम्मेदार होगा।
वहीं पुलिस अधीक्षक मणिकांत ने मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना मिली कि सुखवंत नामक व्यक्ति ने काठगोदाम में आत्महत्या कर ली और वीडियो में कई लोगों पर आरोप लगाए। जांच में सामने आया कि यह विवाद पैसे के लेन-देन से जुड़ा था, जिसमें दोनों पक्षों द्वारा पुलिस को प्रार्थना पत्र दिए गए थे। दोनों पक्षों को थाने बुलाकर विवाद का निस्तारण भी किया गया था, इसके बावजूद सुखवंत लगातार दूसरे पक्ष पर आरोप लगाता रहा।
मणिकांत के अनुसार, यह भी सामने आया है कि सुखवंत सिंह आईटीआई थाना, उधम सिंह नगर का हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ पूर्व में कई मुकदमे दर्ज थे। वह पहले भी फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से आत्महत्या करने की धमकी देता रहा था। सोशल मीडिया पर लगाए गए सभी आरोपों की जांच बाजपुर क्षेत्राधिकार के अंतर्गत सौंपी गई है।
मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के आधार पर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन किसी भी पोस्ट या वीडियो को साझा न करें और जांच में सहयोग करें।