देहरादून।
प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने की लगातार कोशिशों के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय के आवास पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ सहानुभूति जताने जाने वाले थे। इसके लिए हवाई दौरे की भी तैयारी थी, लेकिन केंद्रीय आलाकमान के निर्देशों के बाद यह दौरा अंतिम समय पर रद्द कर दिया गया। नतीजतन पूरा कार्यक्रम “हवाई दौरा” बनकर रह गया।
सूत्रों के अनुसार, अरविंद पांडेय से जुड़े कथित जमीन कब्जा मामले में पीड़ित परिवार द्वारा आज विरोध प्रदर्शन की तैयारी की सूचना भी सामने आई थी। इस संबंध में इंटेलिजेंस इनपुट मिलने के बाद शीर्ष नेतृत्व सतर्क हो गया। माना जा रहा है कि यदि यह दौरा होता तो पार्टी नेतृत्व और संबंधित नेताओं को राजनीतिक रूप से असहज स्थिति का सामना करना पड़ सकता था।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे हालात में दौरा रद्द करना पार्टी और नेताओं—दोनों के लिए नुकसान से बचने का कदम रहा। अन्यथा पीड़ित परिवार के विरोध और संभावित हंगामे के बीच सहानुभूति जताने का प्रयास उल्टा पड़ सकता था और पार्टी की फजीहत भी हो सकती थी।
फिलहाल दौरा रद्द होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है, वहीं विपक्ष इसे भाजपा की अंदरूनी मजबूरियों और दबाव की राजनीति से जोड़कर देख रहा है।

