चारधाम यात्रा आरटीओ संदीप सैनी की बैठक दिए निर्देश

ख़बर शेयर करें


चारधाम यात्रा–2026: 20 अप्रैल से होगी शुरुआत, परिवहन व्यवस्थाओं को लेकर ऋषिकेश में उच्चस्तरीय बैठक
चारधाम यात्रा–2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा के तहत धामों के कपाट खुलने की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं और 20 अप्रैल 2026 से चारधाम यात्रा का शुभारंभ होना तय है। यात्रा एवं श्री हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन को लेकर देहरादून संभाग स्तर पर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
इसी क्रम में 27 फरवरी 2026 को उपसंभागीय परिवहन कार्यालय, ऋषिकेश में नोडल अधिकारी (यात्रा) एवं संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), देहरादून संभाग श्री संदीप सेनी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऋषिकेश क्षेत्र में संचालित विभिन्न बस, टैक्सी, मैक्सी परिवहन संगठनों तथा उत्तराखंड परिवहन निगम के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में आगामी यात्रा अवधि के दौरान यात्रियों/तीर्थयात्रियों के पंजीकरण, संयुक्त रोटेशन व्यवस्था, बसों की उपलब्धता, ग्रीन कार्ड/ट्रिप कार्ड, चारधाम व स्थानीय सेवाओं के लिए वाहनों की समुचित व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा चारधाम मार्गों पर आने वाली समस्याओं के निराकरण जैसे बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, 4 बजे के आंकड़ों के अनुसार यात्रा अवधि (15–31 मई) में परिवहन व्यवस्थाओं को सुदृढ़ रखने पर विचार-विमर्श हुआ।


बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
संयुक्त रोटेशन यातायात व्यवस्था समिति का गठन, जिसके अंतर्गत सभी रोटेशन के अनुसार मार्गों का संचालन होगा।
प्रतिदिन यात्रा पर जाने वाले वाहनों की सूची व अगले दिन के लिए उपलब्ध वाहनों की जानकारी परिवहन विभाग को नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।
बाहरी राज्यों की बसें यात्रियों को उनके गृह राज्य से ही लेकर आएंगी और यात्रा समाप्ति पर वहीं छोड़ेंगी; उत्तराखंड में पिक एंड ड्रॉप की अनुमति नहीं होगी।
आवश्यकता के अनुसार उत्तराखंड परिवहन निगम व कुमाऊं मंडल की बसों को भी यात्रा में लगाया जाएगा।
कुमाऊं मंडल से आने वाले वाहनों को केवल ऋषिकेश व हरिद्वार तक ही अस्थायी परमिट जारी होंगे, आगे के लिए संबंधित कार्यालय से अनुमति अनिवार्य होगी।
यात्रा पर जाने वाले वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड मार्च के अंतिम सप्ताह से बनाए जाएंगे।
निजी वाहनों को व्यावसायिक रूप से उपयोग करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
अवैध टैक्सी/मैक्सी संचालन, घर-घर जाकर सवारी बैठाने वालों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
यात्रियों/श्रद्धालुओं से मधुर एवं मर्यादित व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निर्धारित किराया दरों से अधिक वसूली पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यात्रा बुकिंग केवल पंजीकृत ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से ही मान्य होगी।
नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों/परिचालकों के लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी।
कार्यालय निरीक्षण व दिशा-निर्देश
बैठक के उपरांत श्री संदीप सेनी ने उपसंभागीय परिवहन कार्यालय ऋषिकेश के सभी पटलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण, पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और आमजन से शालीन व्यवहार के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही उपस्थिति रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, बकाया वसूली रजिस्टर, कैश बुक सहित अन्य अभिलेखों की भी जांच की गई।
इसके अलावा कार्यालय परिसर में स्थित ग्रीन कार्ड कक्ष, यात्री प्रतीक्षालय, ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और ऑटोमेटेड टेस्टिंग लेन का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा–2026 के दौरान यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु परिवहन व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की