दून पुलिस कप्तान प्रमेंद्र सिंह ने एक ब्लाइंड मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा

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देहरादून से बड़ी खबर… दून पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा किया है। प्रेमनगर क्षेत्र में मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात ये है कि महिला की हत्या उसके ही पहले पति ने की थी।
🟥 (खबर):
मामला 11 मार्च 2026 का है, जब प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मांडूवाला रोड स्थित बालासुंदरी मंदिर के पास जंगल में एक अज्ञात महिला का शव सफेद कट्टे में बरामद हुआ था। शव कई दिन पुराना होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में 8 पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने 2500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 30 से अधिक झुग्गी बस्तियों में सघन सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान करीब 5000 लोगों से पूछताछ की गई।
लगातार प्रयासों के बाद 19 मार्च को पुलिस को अहम सुराग मिला। जांच के दौरान एक मजदूर रंजीत शर्मा पर शक गहराया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
🟥 क्या है पूरा मामला:
आरोपी रंजीत शर्मा की पहली पत्नी रूपा कुछ समय पहले उसे छोड़कर दूसरे व्यक्ति के साथ चली गई थी। बाद में रंजीत ने दूसरी शादी कर ली। करीब एक साल पहले रूपा दोबारा उसके संपर्क में आई और 23 फरवरी को अपनी 11 महीने की बच्ची के साथ देहरादून आकर उसके साथ रहने लगी।
रूपा लगातार रंजीत पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी, जिससे दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 5 मार्च की रात इसी विवाद के दौरान रंजीत ने रूपा का गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को 4 दिन तक कमरे में छिपाकर रखा और 8 मार्च को कट्टे में डालकर बाइक से ले जाकर शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया।
🟥 पुलिस की बड़ी मेहनत:
मृतका की पहचान के लिए पुलिस खुद वादी बनी और बड़े स्तर पर अभियान चलाया। आखिरकार कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी तक पहुंचकर केस का खुलासा किया गया।
🟥 कार्रवाई:
पुलिस ने आरोपी रंजीत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करने वाली टीम को आईजी गढ़वाल द्वारा 5000 रुपये और एसएसपी देहरादून द्वारा 2500 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।
🟥 समापन:
दून पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हो गया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथों से बच नहीं सकता।