देहरादून | उत्तराखण्ड पुलिस के मुखिया डीजीपी दीपम सेठ की कार्यशैली की सराहना, छोटे कर्मचारियों में खुशी की लहर
उत्तराखण्ड पुलिस के नए मुखिया डीजीपी दीपम सेठ के नेतृत्व में पुलिस महकमे में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। खासकर निचले स्तर के कर्मचारियों में यह संदेश गया है कि अब मेहनत और ईमानदार सेवा की पहचान हो रही है, जिससे पूरे विभाग में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा है।
इसी कड़ी में गणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के कुल 137 अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट एवं विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक एवं पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क (गोल्ड व सिल्वर) के रूप में प्रदान किए जाएंगे।
राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से 6 पुलिसकर्मी सम्मानित
विशिष्ट कार्य के लिए एसटीएफ, सशस्त्र पुलिस और जनपद स्तर पर तैनात 6 पुलिसकर्मियों को राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से नवाजा जाएगा। इसमें निरीक्षक, उप निरीक्षक, मुख्य आरक्षी और आरक्षी स्तर के कर्मचारी शामिल हैं।
डीजीपी प्रशस्ति डिस्क (सेवा के आधार पर)
सिल्वर डिस्क से 25 अधिकारी/कर्मचारी
गोल्ड डिस्क से 12 अधिकारी/कर्मचारी
इनमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सेनानायक, पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षक, अग्निशमन अधिकारी, एसडीआरएफ, साइबर क्राइम, अभिसूचना और दूरसंचार इकाइयों से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।
विशिष्ट कार्य हेतु सम्मान
डीजीपी सिल्वर डिस्क: 64 पुलिसकर्मी
डीजीपी गोल्ड डिस्क: 12 पुलिसकर्मी
इसके अतिरिक्त अलग श्रेणी में 19 सिल्वर और 5 गोल्ड डिस्क भी विशिष्ट कार्यों के लिए दी जाएंगी।
सम्मान पाने वालों में मैदानी ड्यूटी करने वाले आरक्षी, मुख्य आरक्षी, उप निरीक्षक से लेकर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तक शामिल हैं, जो इस बात का संकेत है कि विभाग में अब हर स्तर पर किए गए कार्य को महत्व दिया जा रहा है।
छोटे कर्मचारियों में खास उत्साह
पुलिस विभाग के भीतर यह चर्चा आम है कि लंबे समय बाद बड़ी संख्या में निचले रैंक के कर्मचारियों को सम्मान मिला है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब केवल पद नहीं, बल्कि काम के आधार पर पहचान मिल रही है।
नेतृत्व की सराहना
पुलिस महकमे में डीजीपी दीपम सेठ की यह पहल टीम भावना को मजबूत करने वाली मानी जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की पारदर्शी और निष्पक्ष सम्मान प्रणाली से न सिर्फ कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि जनता के प्रति पुलिस की जवाबदेही भी मजबूत होगी।
गणतंत्र दिवस पर होने वाला यह सम्मान समारोह उत्तराखण्ड पुलिस के लिए एक नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है।

