सीएम धामी की खरी खरी जिन्हें जनता ने नकार दिया वो बेटी की आड़ में राजनीति कर रहे

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देहरादून।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रही सियासत के बीच उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। सचिवालय स्थित मीडिया हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएम धामी ने साफ शब्दों में कहा कि संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति करने के लिए और भी कई विषय हैं, लेकिन बेटी अंकिता को सियासी हथियार न बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन दलों को जनता नकार चुकी है, वे अब अंकिता भंडारी के नाम पर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पूरे मामले में पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ जांच कराई, और सरकार की मजबूत पैरवी का ही नतीजा है कि दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली।
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जो नया प्रकरण सामने आया है, उस पर भी सरकार हर स्तर पर जांच कराने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वायरल ऑडियो क्लिप की प्रमाणिकता की जांच पहले जरूरी है। इसके लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है और ऑडियो की सत्यता सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि आरोप लगाने वाले लोग आखिर कहां हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास सबूत हैं तो उन्हें पुलिस या अदालत के सामने रखना चाहिए। केवल आरोप लगाकर माहौल खराब करना उचित नहीं है। सीएम ने ऑडियो क्लिप में कहीं हत्या तो कहीं आत्महत्या जैसी बातों का जिक्र होने पर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे साफ है कि मामले को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
उन्होंने कांग्रेस द्वारा दिल्ली में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस और ऑडियो जारी करने के तरीके पर भी सवाल खड़े किए। सीएम धामी ने कहा कि राज्य का माहौल जानबूझकर खराब किया जा रहा है, ठीक उसी तरह जैसे पहले पेपर लीक मामले में एक नाम उछाल दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कोई भी दोषी होगा, वह बचेगा नहीं। सरकार हर जांच कराने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं अंकिता भंडारी के माता-पिता से बात करेंगे और बेटी को न्याय दिलाने के लिए वे जो भी चाहेंगे, उसे कानून सम्मत तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि यह प्रेस वार्ता केंद्र सरकार की वीबी जी राम जी योजना को लेकर आयोजित की गई थी, लेकिन पत्रकारों के सवालों के बाद पूरा फोकस अंकिता भंडारी मामले पर आ गया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
उधर, इस मामले में सियासत और तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी की ओर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। तहरीर में उन पर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो जारी कर छवि खराब करने और दंगे भड़काने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। साथ ही कांग्रेस, यूकेडी और आप पर भी साजिश का आरोप लगाते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।
अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान और विरोध प्रदर्शनों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है, जबकि सरकार जांच और कार्रवाई का भरोसा दिला रही