
देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की आज प्रेस काफ्रेंस और उनका अंदाज सबसे ज्यादा सुर्खियो में है। सहजता को छोडे बिना बिल्कुल फ्रंट फुट पर खेलने वाले विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में सीएम पुष्कर सिंह धामीं ने एक एक प्रश्न का बखूबी जबाव दिया है।यूं तो सीएम पुष्कर सिंह धामी की आज की प्रेस कांफ्रेंस जी राम जी योजना पूर्व में मनरेगा में हुए सुधार राज्य को होने वाले फायदे को लेकर थी। ज्बकि उन्हे भलिभांति पता था कि दो लोगों के बीच हुई निजी बातचीत को लेकर पूरे प्रदेश मे दिवंगत अंकिता भंडारी के नाम पर विपक्ष कई संगठन और कुछ निजी स्वार्थ साधे लोग अदालत और राज्य पुलिस की सख्त कार्रवाई के बावजूद मुद्दा विहीन होने की दिशा में राजनीति पर आमादा है। सोशल मीडिया में अभद्रता के साथ साथ आंदोलन की आड़ में अराजकता शुरु हो गई है। जिस प्रकार से देहरादून में महिलाओं के साथ मारपीट कर गाली गलौज करते हुये पोस्टर फाडे गये और भविष्य में पोस्टर लगाने पर आग लगाने की धमकी दी गई उससे हर कोई हैरान है।

सीएम धामी ने जीराम जी योजना के बाद जिस अंदाज में प्रेस कांफ्रेंस की पार्टी पदाधिकारियों के साथ साथ उनकी लगातार प्रेस कांफ्रेंस कवर करने वाले पत्रकार भी हैरान दिखे। सीएम धामी फ्लावर नही फायर अंदाज में थे बिंदुवार उन्होने बताया कि कैसे आरोप लगाकर एक महिला एक पूर्व विधायक बयान देने जांच में सहयोग के बजाए फरार हो गये । एजेंसियों का सामना करने के बजाए दिल्ली जाकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे है सीएम धामी का ये अंदाज हर कोई हैरान था। सीएम धामी ने पत्रकारों से बिना सहजता खोए स्पष्ट कह दिया कि यहाँ आने से पहले ही मुझे साफ पता था कि क्या सवाल होने वाले है। हर सवाल का जबाव देने के साथ साथ कथित आरोपों वाली आडियों के बीच हुए विरोधाभास का भी उन्होने खुलासा कर दिया। कहते है सो सुनार की एक लोहार की ये कहावत भी सीएम धामी ने अंत में ये कहते हुये इस मसले पर विपक्ष को फेल कर दिया कि पहले अंकिता भंडारी के माता पिता से बात करूंगा इसके बाद कानूनी अध्धयन के बाद अगला फैसला लूंगा यानी जो दबाव सरकार पर सीधे सीबीआई जांच का बनाया जा रहा है सीएमं ने उसका जवाब देने के साथ साथ भविष्य की एक बडी लकीर भी खींच दी है।

