
चारधाम यात्रा–2026 को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग उत्तराखंड ने व्यावसायिक यात्री वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड प्रणाली शुरू कर दी है। इसका शुभारंभ सोमवार को रोशनाबाद स्थित एआरटीओ कार्यालय में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया।

इस दौरान मंत्री ने ग्रीन कार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रदेश का पहला ग्रीन कार्ड एक वाहन चालक को सौंपा। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से यात्रा में शामिल वाहनों की तकनीकी फिटनेस सुनिश्चित होगी और आपात स्थिति में वाहन से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी।
परिवहन विभाग के अनुसार, ग्रीन कार्ड के लिए वाहन स्वामी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद वाहन का तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा, जिसके उपरांत ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा।
देहरादून संभाग में हरिद्वार, रुड़की (16 अप्रैल से नरसन चेकपोस्ट), आशारोड़ी (देहरादून), ऋषिकेश, विकासनगर, टिहरी और उत्तरकाशी सहित सभी परिवहन कार्यालयों में ग्रीन कार्ड केंद्र बनाए गए हैं।
कार्यक्रम में अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह, संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव मेहरा, उप परिवहन आयुक्त सुनील शर्मा और शैलेश तिवारी, आरटीओ संदीप(सैनी प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, एनआईसी के वरिष्ठ निदेशक (आईटी) हिमांशु कुमार और संयुक्त निदेशक (आईटी) रमन पुंडीर के योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम का आयोजन आरटीओ (प्रशासन) देहरादून संभाग संदीप सैनी के मार्गदर्शन में किया गया। परिवहन विभाग ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए इस तरह की तकनीकी व्यवस्थाएं आगे भी जारी रहेंगी।

