
प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी कि अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड ने देहरादून में सांकेतिक धरना रखा है, जिसमें ब्राह्मणों के अपमान और 1008 श्री शंकराचार्य अवि मुक्तेश्वर आनंद स्वामी जी से माफ़ी ना मांगने पर और सरकार की हद्धार्मिता के खिलाफ व यूजीसी एक्ट के विरोध में आवाज उठाई गई है।
मुख्य मांगें:
- शंकराचार्य अवि मुक्तेश्वर आनंद स्वामी जी से माफी मांगना
- ब्राह्मणों के खिलाफ टिप्पणी और दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
- यूजीसी एक्ट को वापस लेना
- अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव पर अवकाश घोषित करना
धरने में उठाई गई आवाजें:
- ब्राह्मणों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान
- शंकराचार्य जी का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान
- ब्राह्मण एकता जिंदाबाद
- स्वर्ण समाज जिंदाबाद
प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा का बयान:
- अगर सरकार ब्राह्मणों की अनदेखी करती है और समाज में रहने वाला कोई भी व्यक्ति अगर ब्राह्मण का अपमान करेगा तो वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- इसके लिए जन आंदोलन और सड़कों पर उतरकर विरोध भी किया जाएगा। इस अवसर पर लालचंद शर्मा जी ने कहा कि ब्राह्मणों का जिस प्रकार से अपमान हो रहा है और शंकराचार्य जी का अपमान यूपी सरकार ने किया है वह निंदनीय और उसके लिए हम सड़कों पर उतरकर अनिश्चितकालीन धरना भी रखेंगे सांकेतिक धरना के अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन शर्मा प्रदेश महासचिव उमाशंकर शर्मा प्रदेश संगठन मंत्री मनोज कुमार शर्मा प्रदेश युवा अध्यक्ष सतेंद्र कुमार दीक्षित कोषाध्यक्ष गिरीश चंद्र उप्रेति वी d शर्मा महासचिव जिलाध्यक्ष खंडूरी प्रदेश महासचिव ललित बद्री महिला उपाध्यक्ष सावित्री शर्मा लालचंद संरक्षक सोमदत्त शर्मा सुलेख चंद शर्मा देवेंद्र सिंह राणा मैं जिंदल अग्रवाल सुधीर योगेश उनियाल सुनील मांगा गुर नैन आचार्यजयप्रकाश गोदियाल और सैकड़ों ब्राह्मणों ने भागीदारी निभाई

