
🔴 STF की बड़ी कार्रवाई: पार्षद प्रकाश धामी हत्याकांड का इनामी शूटर गिरफ्तार
देहरादून। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने चर्चित पार्षद प्रकाश सिंह धामी हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल करते हुए ₹25,000 के इनामी शूटर रिंकू शर्मा उर्फ पंडित को रुद्रपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।
STF के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई, जिसमें फरार और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
दिनदहाड़े हुई थी सनसनीखेज हत्या
12 अक्टूबर 2020 को रुद्रपुर के भदईपुरा वार्ड नंबर-13 में भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश धामी की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सुबह करीब 9 बजे आई-10 कार में सवार बदमाश मौके पर पहुंचे। एक आरोपी ने धामी को घर से बाहर बुलाया और बातचीत में उलझाया, इसी दौरान अन्य बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल धामी ने बचने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर उनकी हत्या कर दी। पूरी वारदात CCTV में कैद हुई थी, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
राजनीतिक रंजिश में दी गई थी सुपारी
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या राजनीतिक रंजिश और क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा थी। वारदात को अंजाम देने के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पेशेवर शूटरों को करीब ₹4 लाख की सुपारी दी गई थी। इस मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई हुई थी, जिनमें से 6 पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
एसएसपी STF अजय सिंह के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए STF पिछले एक महीने से तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिए लगातार निगरानी कर रही थी। बुधवार तड़के सूचना मिली कि आरोपी रुद्रपुर में मौजूद है। इसके बाद STF और कोतवाली रुद्रपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
दर्जनों आपराधिक मामले
गिरफ्तार आरोपी रिंकू शर्मा उर्फ पंडित (32 वर्ष), निवासी मुरैना (मध्य प्रदेश), एक पेशेवर शूटर है। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को कोतवाली रुद्रपुर में दाखिल कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। STF का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत ऐसे फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

