देहरादून की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर बड़ा खुलासा, नगर निगम नहीं—विभाग हैं जिम्मेदार

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देहरादून की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर बड़ा खुलासा, नगर निगम नहीं—विभाग हैं जिम्मेदार
देहरादून। राजधानी देहरादून में जगह-जगह बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर आमतौर पर नगर निगम को ही कटघरे में खड़ा किया जाता रहा है, लेकिन हालिया जांच में एक अलग ही तस्वीर सामने आई है। महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामी बंसल के निर्देश पर हुई पड़ताल में स्पष्ट हुआ है कि शहर के कई प्रमुख मार्गों और क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइटें नगर निगम नहीं, बल्कि स्मार्ट सिटी, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) और अन्य विभागों द्वारा लगाई और संचालित की जा रही हैं।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कराई गई जांच में सामने आया कि कई स्थानों पर लाइटें तकनीकी कारणों या दुर्घटनाओं की वजह से बंद हुई हैं, जिनकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है। महापौर सौरभ का कहना है कि जल्द ही सभी विभागों के स्ट्रीट लाइट अनुभागों से समन्वय स्थापित कर व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “देहरादून को चमकता और सुरक्षित बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं—
THDC कॉलोनी चौराहा – यहां लगा हाई मास्ट MDDA द्वारा स्थापित एवं संचालित है।
ब्राह्मणवाला–ISBT रोड – यहां तीन लाइटें बंद हैं, जिन्हें किसी अज्ञात वाहन द्वारा पोल से टक्कर मारने के कारण नुकसान पहुंचा है।
कारगी चौक से रिस्पन्ना रोड – पोल पर टक्कर के कारण आठ लाइटें बंद हुई थीं, जिन्हें अब ठीक करा दिया गया है।
टर्नर रोड, वार्ड संख्या-78 फ्लाईओवर – यहां की लाइटें लो-पावर में हैं, जो आठ वर्ष से अधिक पुरानी हैं। इन्हें नई लाइटों से बदलने का कार्य प्रगति पर है।
आराघर से EC रोड – यहां की समस्त स्ट्रीट लाइटें स्मार्ट सिटी द्वारा संचालित हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर – सभी लाइटें MDDA द्वारा स्थापित और संचालित की जा रही हैं।
राजपुर रोड से सहकारी बाजार तक एवं घंटाघर से दिलाराम चौक तक – मुख्य मार्ग की लाइटें स्मार्ट सिटी द्वारा लगाई गई हैं और वही उनका संचालन कर रहा है।
नगर आयुक्त नमामी बंसल ने स्पष्ट किया कि नगर निगम अपने स्तर पर जहां भी जिम्मेदारी बनती है, वहां त्वरित कार्रवाई की जा रही है, साथ ही अन्य विभागों के साथ समन्वय कर शहर की प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
इस पहल से यह उम्मीद जगी है कि राजधानी की सड़कों पर अंधेरा जल्द ही इतिहास बनेगा और देहरादून एक बार फिर रोशनी से जगमगाएगा।