उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप नैनीताल जिला प्रशासन ने एक शानदार और जनहितकारी पहल की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, जिनके व्यवहार और कार्यशैली से लोग पहले ही प्रभावित हैं, ने अब व्यवस्था में एक और बड़ा सुधार कर आम जनता को सीधी राहत दी है।
अब जिले में जन्म और मृत्यु के तुरंत बाद प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, भूमिधर की मृत्यु के बाद भूमि का नामांतरण भी बिना अनावश्यक देरी के तत्काल किया जा रहा है। इसके लिए पूरे जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिससे लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशासन का मानना है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और नामांतरण में देरी ही आगे चलकर बड़े विवादों की वजह बनती है। ऐसे मामलों में लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय, धन और मानसिक शांति तीनों का नुकसान होता है। डीएम की इस पहल से इन समस्याओं की जड़ पर ही प्रहार किया गया है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के इस कदम से न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हुई हैं, बल्कि आम आदमी का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत हुआ है। जनता के बीच यह संदेश गया है कि अब सरकारी कामकाज समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से हो सकता है।
नैनीताल में शुरू हुआ यह अभियान आने वाले समय में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है, जहां प्रशासन आमजन की समस्याओं को समझते हुए समाधान को प्राथमिकता दे।
जनपद की इस सराहनीय उपलब्धि पर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, मीनाक्षी सुंदरम सहित राज्य सरकार के समस्त सचिवगणों ने तालियां बजाकर जनपद नैनीताल के प्रयासों का स्वागत और अभिनंदन किया।
इसके साथ ही मेड़ विवाद, सीमा विवाद, खेत संख्या में नाम/नंबर दुरुस्ती, पैमाइश, नपती, सीमांकन, तथा गूल एवं फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने से जुड़े कुल 1150 मामलों के सफल निस्तारण पर परगना स्तरीय राजस्व प्रवर्तन टीमों, नैनीताल के कार्यों की विशेष सराहना की गई।वहीं जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से संबंधित 2300 मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किए जाने पर संबंधित पंजीकरण अधिकारियों को भी प्रशंसा मिली।जनपद प्रशासन द्वारा किए गए इन ठोस प्रयासों से न केवल राजस्व एवं नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता, गति और विश्वास बढ़ा है, बल्कि आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय और राहत भी सुनिश्चित हुई है। शासन स्तर पर इस उपलब्धि को प्रशासनिक नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।इस संबंध में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा की गई कार्यवाही व अभिनव पहल के संबंध में मुख्य सचिव को अवगत कराया गया।

