कैंचीधाम बाईपास निरीक्षण के दौरान फिसला सीएम धामी का पैर, घटना पर तंज कसने वाले समझे हकीकत

ख़बर शेयर करें


कैंचीधाम बाईपास निरीक्षण के दौरान फिसला सीएम धामी का पैर जहां नहीं पहुंची कभी सड़क वहां बन रहा नया रास्ता


दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे थे मुख्यमंत्री, समर्थकों ने कहा—पैर फिसल सकता है, लेकिन विकास के कदम नहीं रुकेंगे
देहरादून। कैंचीधाम बाईपास के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पैर फिसलने की घटना को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया पर चर्चाएं हो रही हैं। इस बीच मुख्यमंत्री के समर्थन में सामने आए लोगों ने घटना को लेकर तंज कसने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहाड़ के कठिन रास्तों पर चलते समय पैर फिसल सकता है, लेकिन विकास के प्रति कदम नहीं रुकने चाहिए।
समर्थकों का कहना है कि मुख्यमंत्री धामी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेते हैं। कैंचीधाम बाईपास का निर्माण भी क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका कहना है कि जिन इलाकों में पहले पहुंचना चुनौतीपूर्ण था, वहां सड़क सुविधाओं के विस्तार से आवागमन आसान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए समर्थकों ने कहा कि विकास कार्यों पर चर्चा करने के बजाय किसी घटना का मजाक बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पैर फिसलने की घटना को विकास कार्यों से जोड़कर देखने के बजाय बाईपास निर्माण की प्रगति और उससे होने वाले लाभों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
समर्थकों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क संपर्क मजबूत करने के प्रयास जारी हैं। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं से विकास कार्यों की गति और पहाड़ों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।