त्योहारी सीजन में अंधेरे में डूबी राजधानी, सफाई व्यवस्था भी बदहाल
सचिवालय से राजपुर रोड और पटेलनगर तक सड़कों पर अव्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवाल, अब मुख्यमंत्री धामी से आस
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पीक त्योहारी सीजन के दौरान भी प्रमुख सड़कें, चौराहे और तिराहे अंधेरे में डूबे हुए हैं। शहर की सफाई व्यवस्था पहले से ही चुनौती बनी हुई है। त्योहारों के दौरान शहर को साफ-सुथरा और रोशनी से जगमग रखने की उम्मीदों के बीच नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
सचिवालय से लेकर राजपुर रोड, पटेलनगर और शहर के कई मोहल्लों व वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था और साफ-सफाई को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब राजधानी में ही त्योहारों के दौरान बुनियादी नागरिक सुविधाओं की यह स्थिति है, तो आम लोगों को बेहतर व्यवस्थाएं कैसे मिलेंगी?
शहर की व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक अधिकारियों की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि संबंधित मंत्री का ध्यान ट्रांसफर-पोस्टिंग तक सीमित रहा, जबकि नगर आयुक्त के पास कई विभागों और जिम्मेदारियों का अतिरिक्त प्रभार होने के कारण नगर निगम की व्यवस्थाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा पा रहा है। वहीं, जिला प्रशासन की भूमिका भी प्रभावी हस्तक्षेप के बजाय सीमित नजर आने की आलोचना हो रही है।
हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों के दौरान राजधानी की सड़कों पर अंधेरा और सफाई व्यवस्था की चुनौती शहर की छवि पर भी असर डाल रही है। स्थानीय नागरिकों के लिए यह स्थिति परेशानी का सबब बनने के साथ सुरक्षा और आवागमन से जुड़े सवाल भी खड़े करती है।
अब राजधानी के लोगों की निगाहें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभागों और अधिकारियों को जवाबदेह बनाएं तथा स्ट्रीट लाइट, सफाई और अन्य नगरीय सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। त्योहारों के इस महत्वपूर्ण समय में देहरादून को व्यवस्थित, स्वच्छ और रोशन बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है।बात बात पर सचिवालय पहुंचने वाले पार्षद भी अहम मुद्दों पर नजर नहीं आ रहे है

