
हरिद्वार के होटलों और रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा टीम की छापेमारी, गंदगी मिलने पर नोटिस
हरिद्वार। खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर उपायुक्त गढ़वाल मंडल के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हरिद्वार के भूपतवाला, बहादराबाद और सिडकुल क्षेत्र में स्थित होटलों एवं रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। टीम में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन और कैलाश टट्टा शामिल रहे।
नगर निगम क्षेत्र के भूपतवाला स्थित होटल गंगा क्लिफ्स एवं होटल शिनेस्ट का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत पानी की रिपोर्ट, भोज्य सामग्री जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र और प्रशिक्षण संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। होटल संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का इस्तेमाल करने और प्रतिबंधित एनालॉग डेयरी उत्पादों का प्रयोग न करने के निर्देश दिए गए। मौके से लाल मिर्च पाउडर और प्रिपेयर्ड फूड (पनीर लबाबदार) के एक-एक नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
बहादराबाद के एक प्रतिष्ठित होटल में मिली गंभीर अनियमितताएं
बहादराबाद स्थित एक प्रतिष्ठित होटल के स्टोरेज और किचन की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। टीम को डीप फ्रीजर में गंदा पानी भरा मिला और उसी में खाद्य पदार्थ खुले रूप से रखे पाए गए। किचन में खराब हो चुके सड़े-गले खाद्य पदार्थों का संग्रह मिला। इसके अलावा किचन के फर्श और दीवारों पर भी गंदगी पाई गई।
स्टोरेज में कुछ खाद्य पदार्थ गंदे प्लास्टिक कंटेनरों में रखे मिले, जबकि कुछ खाद्य पदार्थ सीधे जमीन पर रखे जाने के कारण नमी के संपर्क में पाए गए। टीम ने मौके से तीन खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए। निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं के आधार पर होटल व्यवसायी को नोटिस जारी किया गया।
पेंटागन मॉल के रेस्टोरेंट में खराब सब्जियां मिलीं
इसके साथ ही वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन के नेतृत्व में पेंटागन मॉल स्थित एक प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया गया। यहां संग्रह स्थल पर खराब हो चुकी कटी हुई सब्जियां पानी में पड़ी मिलीं, जिन्हें मौके से हटाकर नष्ट कराया गया।
रेस्टोरेंट संचालक द्वारा अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत न करने और पीने के पानी के टैंक की सफाई का रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने पर नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा आइसक्रीम, शेक और फ्रिज बनाने में इस्तेमाल होने वाले फ्रूट सिरप के दो लीगल नमूने भी प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता में लापरवाही पाए जाने पर आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी।

