एनालॉग पनीर, मख्खन और क्रीम पर प्रतिबंध
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में एनालॉग पनीर, मख्खन और क्रीम की बिक्री, वितरण और भंडारण पर रोक लगा दी है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बार-बार जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरने के बाद यह कदम उठाया है। सभी जिलों के अधिकारियों को ऐसे उत्पादों का स्टॉक वापस कराने और नियमानुसार नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले चार साल में राज्यभर से लिए गए एनालॉग पनीर के 886 नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। विभाग के मुताबिक एनालॉग पनीर में दूध और दूध की मलाई की जगह वनस्पति तेल, स्टार्च, केमिकल और इमल्सीफायर का इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञों ने इसके लगातार सेवन को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बताया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड में एनालॉग पनीर की सप्लाई उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा समेत कई राज्यों से हो रही थी। सस्ता होने के कारण होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जा रहा था।
होटल-रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों ने फैसले का किया स्वागत
सरकार के इस फैसले का होटल, रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों ने स्वागत किया है। संचालकों का कहना है कि बाजार में बड़ी मात्रा में नकली पनीर और अन्य मिलावटी डेयरी उत्पाद उपभोक्ताओं के लिए खतरा बने हुए थे। सस्ते के चक्कर में इन उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ रहा था, जिससे असली और गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद तैयार करने वाले कारोबारियों को भी नुकसान हो रहा था। उनका कहना है कि सरकार की कार्रवाई से मिलावटी उत्पादों पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि एनालॉग पनीर, मख्खन और क्रीम का �स्टॉक जब्त कर नष्ट किया जाएगा और मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ �नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

