देहरादून: उत्तराखंड शासन ने देहरादून-पांवटा साहिब पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टॉस नदी पर नव निर्मित पुल के एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। शासन ने प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जारी कार्यालय आदेश के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पुल निर्माण के दौरान डिजाइन कंसल्टेंट द्वारा रिवर डायवर्जन वर्क का डिजाइन उपलब्ध नहीं कराया गया। साथ ही नदी के क्रॉस स्लोप और उसके प्राकृतिक बहाव (Meandering Nature) को ध्यान में रखते हुए रिवर ट्रेनिंग के आवश्यक उपाय भी नहीं सुझाए गए। इसके चलते नदी का पूरा प्रवाह एक ओर केंद्रित हो गया, जिससे पुल के अपस्ट्रीम हिस्से में भारी स्कॉरिंग हुई और एप्रोच रोड के नीचे कैविटी बनने से वह क्षतिग्रस्त हो गया।
जांच में यह भी पाया गया कि उस समय प्रांतीय खंड, देहरादून में तैनात अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुबंधीय शर्तों के पालन और अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया। शासन ने इसे सरकारी कार्यों के प्रति घोर लापरवाही और पर्यवेक्षण में गंभीर शिथिलता मानते हुए उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के तहत निलंबन की कार्रवाई की है।
आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में राजेश कुमार को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इस दौरान उन्हें प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, देहरादून के कार्यालय से संबद्ध रखा गया है तथा सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
गौरतलब है कि हाल ही में भारी बारिश के दौरान नंदा की चौकी स्थित नव निर्मित पुल का एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद शासन ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यह पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।

