धामी कैबिनेट के 18 बड़े फैसले, परिवहन से लेकर शिक्षा और वन नीति तक अहम निर्णय

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देहरादून | धामी कैबिनेट के 18 बड़े फैसले, परिवहन से लेकर शिक्षा और वन नीति तक अहम निर्णय
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक खत्म हो गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। इस बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनमें परिवहन, वन, वित्त, शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
परिवहन विभाग में बड़े फैसले
कैबिनेट ने परिवहन विभाग में सुधार के तहत पर्यवेक्षकों और सिपाहियों की नई वर्दी निर्धारित करने का फैसला लिया है। इसके अलावा 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी गई है। वहीं GST में कमी के चलते अब 100 के बजाय 109 बसें खरीदी जाएंगी।
कुंभ मेला और प्रशासनिक अधिकार
कुंभ मेले के कार्यों को लेकर अधिकारों का विकेंद्रीकरण किया गया है। अब मेला अधिकारी 1 करोड़ रुपये तक के कार्यों को स्वीकृत कर सकेंगे, जबकि गढ़वाल आयुक्त 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों को मंजूरी दे सकेंगे। इससे अधिक लागत वाले कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत होंगे।
उद्योग और वित्त से जुड़े निर्णय
औद्योगिक क्षेत्र में प्रति कुंतल दर 7 रुपये से बढ़ाकर 8 रुपये कर दी गई है। वहीं आबकारी नीति के तहत 6% प्रावधान को राज्यकर विभाग ने भी अपनाया है।
इसके अलावा D श्रेणी के ठेकेदारों को अब 1 करोड़ के बजाय 1.5 करोड़ रुपये तक के कार्य दिए जा सकेंगे।
वन विभाग में अहम बदलाव
वन विभाग में दो बड़े संशोधन किए गए हैं। वन दरोगा की आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है, जबकि वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
साथ ही वन क्षेत्र की सीमाओं पर मधुमक्खी पालन (मौन पालन) को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई है। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष, खासकर हाथियों से टकराव, कम करने में मदद मिलेगी।
मदरसों और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव
उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 के तहत अब कक्षा 1 से 8 तक के मदरसों को जिला स्तर पर मान्यता मिलेगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के लिए उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता अनिवार्य होगी। राज्य में लगभग 452 मदरसे 8वीं तक और 52 मदरसे 12वीं तक संचालित हैं।
साथ ही विशेष शिक्षा शिक्षकों की नियमावली को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मंजूरी दी गई है।
शैक्षिक संवर्ग नियमावली को भी स्वीकृति मिली, जिससे सहायक अध्यापकों के पदों के लिए सेवा नियम तय हो सके हैं।
कार्मिक और अन्य फैसले
प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) को लेकर निर्णय लिया गया है कि यह केवल एक वर्ष तक ही वैध रहेगी।
वर्कचार्ज कर्मचारियों को लेकर हाईकोर्ट के स्टे आदेश की जानकारी भी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई।
उच्च शिक्षा को बढ़ावा
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ अब 21 अशासकीय कॉलेजों तक भी बढ़ाया गया है, जहां स्थायी प्रिंसिपल तैनात हैं।
लोक निर्माण विभाग (PWD)
हाईकोर्ट के आदेश के तहत 2023 में जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती में दिव्यांग वर्ग के खाली पदों के स्थान पर अन्य नियुक्तियों के मामले में 6 नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
कुल मिलाकर, धामी कैबिनेट की इस बैठक में प्रशासनिक सुधार, शिक्षा विस्तार, परिवहन सुदृढ़ीकरण और वन क्षेत्र में आजीविका बढ़ाने जैसे कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनका सीधा असर राज्य के विकास और रोजगार पर पड़ने की उम्मीद है।