डाकपत्थर में UJVNL की भूमि को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म, हकीकत कुछ और

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डाकपत्थर में UJVNL की भूमि को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म, हकीकत कुछ और
देहरादून/विकासनगर।
विकासनगर क्षेत्र के डाकपत्थर में उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) की सरकारी भूमि को निजी हाथों में सौंपे जाने को लेकर इन दिनों जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और राज्य सरकार को भी कठघरे में खड़ा करने की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि, सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले की वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक जिस भूमि को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसी क्षेत्र से हाल ही में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया गया है। बताया जा रहा है कि यहां लंबे समय से अवैध कब्जे थे, जिन्हें प्रशासन की कार्रवाई में हटाया गया। कुछ लोगों का दावा है कि यह अतिक्रमण “लैंड जिहाद” के स्वरूप में भी विकसित हो रहा था, जिसे समय रहते हटाया गया।
इसी बीच सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों पर यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि इस भूमि का सर्वे किसी गुजरात की निजी कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। जबकि सूत्रों का कहना है कि इस दावे का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार भविष्य में इस क्षेत्र में आने वाले एक संभावित प्रोजेक्ट को लेकर जमीन का सर्वे करा रही है, ताकि आगे की योजनाओं पर काम किया जा सके। ऐसे में जमीन को निजी हाथों में सौंपे जाने की बात को भ्रामक बताया जा रहा है।
सूत्र यह भी बताते हैं कि वर्तमान समय में सरकार के खिलाफ कोई बड़ा मुद्दा नहीं होने के कारण कुछ लोग अफवाहों और भ्रामक जानकारी के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल आधिकारिक स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि फैल रही अफवाहों पर विराम लगाया जा सके।