
देहरादून/रुद्रपुर। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के पास से 3 लोडेड अवैध तमंचे और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने यह कार्रवाई रुद्रपुर पुलिस के साथ संयुक्त रूप से करते हुए अवैध हथियारों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। इससे पहले भी बीते 24 घंटे में एसटीएफ तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अब तक कुल 6 अवैध तमंचे तथा 21 कारतूस बरामद किए जा चुके हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशों पर पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में अपराधियों और अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
जितेन्द्र वीरत चौधरी निवासी सुभाषनगर डिबडिबा, थाना बिलासपुर, जिला रामपुर (उत्तर प्रदेश)
सुमित राठौर निवासी आजादनगर, थाना ट्रांजिट कैम्प, जनपद ऊधमसिंह नगर
बताई गई है।
एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि दोनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं और इनके खिलाफ उत्तराखण्ड तथा उत्तर प्रदेश में हत्या के प्रयास (धारा 307) समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से एक आरोपी रामपुर जिले के बिलासपुर थाने में दर्ज 307 के मामले में वांछित भी चल रहा था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी यूपी–उत्तराखण्ड बॉर्डर पर सक्रिय आपराधिक गैंग से जुड़े हैं। एसटीएफ का दावा है कि इस कार्रवाई से दो राज्यों में सक्रिय गैंग का नेटवर्क ध्वस्त हुआ है और कुमाऊं क्षेत्र में होने वाली कई संभावित बड़ी आपराधिक घटनाओं को समय रहते टाल दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अवैध हथियारों की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़ी कार्रवाई की संभावना है।
बरामदगी
03 अवैध तमंचे (.315 बोर)
10 जिंदा कारतूस
एसटीएफ और रुद्रपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय गैंगस्टरों और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

