37 साल का इंतज़ार खत्म: सीएम धामी के संज्ञान में आया मामला 2 घंटे में लगी विधवा पेंशन

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अल्मोड़ा जिले में
1989 से 500 रुपये की पेंशन के लिए संघर्ष, 37 साल बाद मिला हक
अल्मोड़ा जनपद की एक वृद्धा का 37 साल लंबा इंतज़ार आखिरकार खत्म हो गया। ग्राम च्याली, पोस्ट छानागोलू, तहसील बग्वालीपोखर निवासी रमोती देवी ने वर्ष 1989 में पति लछम सिंह की मृत्यु के बाद विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया था। लेकिन दशकों तक उन्हें पेंशन नहीं मिल सकी।
रमोती देवी ने हार नहीं मानी। उन्होंने पेंशन पाने के लिए परिवार रजिस्टर तक अलग कराया, कई बार दफ्तरों के चक्कर लगाए, लेकिन व्यवस्था की जटिलताओं में उनका मामला उलझा रहा।
बेटों का सहारा, फिर भी हक की लड़ाई
रमोती देवी के तीन बेटे हैं। एक बेटा जगदीश भंडारी सेना में कार्यरत है, जबकि अन्य दो बेटे सुरेंद्र और गोपाल निजी नौकरी और खेती से परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
सीएम धामी ने लिया संज्ञान, 2 घंटे में कार्रवाई
मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आया तो उन्होंने तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद डीएम अल्मोड़ा अंशुल सिंह ने तत्परता दिखाते हुए महज दो घंटे के भीतर रमोती देवी की विधवा पेंशन स्वीकृत करवा दी।